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न्यायालय के कहा: जांच के दौरान सतर्कता बरते पुलिस, फैसलों में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण
Sat, 28 Aug 2021 01:48 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 28 Aug 2021 01:48 PM IST
सार
जम्मू कश्मीर और लद्दाख के उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अली मोहम्मद माग्रे ने कहा कि अभियोजन और जांच अधिकारियों के बीच पूर्ण समन्वय और सहयोग बहुत जरूरी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अली मोहम्मद माग्रे ने कहा है कि अदालतों के फैसलों में पुलिस जांच की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए पुलिस कर्मियों को विभिन्न मामलों की जांच करते समय काफी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पुलिस की ओर से दाखिल की गई जांच रिपोर्ट अपराधी की सजा पर समाप्त होती है। पुलिस को इसके लिए अत्याधुनिक तरीकों और उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए। वह स्थानीय पुलिस मुख्यालय में आयोजित जम्मू-कश्मीर पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी के पांच दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और गैजेट्स के उपयोग के साथ पुलिस द्वारा किए गए प्रशिक्षण से यूएपीए सहित आपराधिक मामलों को तार्किक अंत तक पूरा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने एनआईए की मदद से जांच अफसरों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में डीजीपी के मार्गदर्शन में पुलिस मुख्यालय के प्रयासों की सराहना की।
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इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक पुलिस महानिदेशक श्री दिलबाग सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह पांच दिनों का यह प्रशिक्षण इसमें शामिल प्रशिक्षुओं के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। डीजी एनआईए के सहयोग से वह कम समय में दो प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित कर सके हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू में भी इस तरह के और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
दो सत्र में 210 आईओ प्रशिक्षित
डीजीपी ने कहा कि इन दो कार्यक्रमों के दौरान लगभग 210 अधिकारियों को विशेष जांच कौशल के साथ प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि प्रशिक्षण कार्यक्त्रस्म के दौरान उन्होंने जो कुछ भी सीखा है उसे संगठन के व्यापक हित के लिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए।