वटाली का आरोप: तालिबान और अल-कायदा जैसे नामों पर बदनाम किया जा रहा भारतीय मुसलमान
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी और नेशनल कांफ्रेंस के नेता वटाली ने कहा कि यह हिंदुओं में असुरक्षा की भावना पैदा करने, देश का ध्यान मुख्य मुद्दों से हटाने और चुनाव जीतने के लिए सांप्रदायिक नफरत पैदा करने के लिए किया जा रहा है।
विस्तार
नेशनल कांफ्रेंस के नेता शफकत अली वटाली ने भारतीय मुसलमानों को बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि तालिबान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, आईएसआई, आईएसआईएस और अल-कायदा का इस्तेमाल सांप्रदायिक ताकतों द्वारा भारतीय मुसलमानों को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। वटाली ने कहा कि हिंदुओं में असुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मूल मुद्दों से राष्ट्र का ध्यान हटाने के लिए बनाई गई सांप्रदायिक नफरत है।
Taliban,Afghanistan,Pakistan,ISI,ISIS,Al Qaida etc being used by communal forces through Indian media,social media,to demonise Indian Muslims,manufacture a sense of insecurity among Hindus,create communal hatered to divert attention of Nation from core issues and to win elections https://t.co/qQoJyPdHtK
— Shafqat Watali (@shafqatwatali) August 27, 2021विज्ञापन
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इससे पहले इसी महीने की 21 तारीख को जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि अपने पड़ोसी(अफगानिस्तान) को देखो। जहां से महाशक्ति अमेरिका को अपनी सेना वापस बुलानी पड़ी। अमेरिका बोरिया-बिस्तर बांधकर वापस जाने पर मजबूर हो गया। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अगर केंद्र सरकार वाजपेयी के सिद्धांत पर वापस नहीं आती है और बातचीत शुरू नहीं करती, तो बर्बादी होगी।
इसके बाद पीडीपी मुखिया ने कहा कि कश्मीरी कमजोर नहीं हैं, वे बहुत बहादुर और धैर्यवान हैं। धैर्य रखने के लिए बहुत साहस चाहिए। जिस दिन सब्र की दीवार टूट जाएगी, तुम परास्त हो जाओगे। आजादी के बाद अगर भाजपा की सरकार बनी होती तो जम्मू-कश्मीर भारत में न होता। बता दें कि महबूबा मुफ्ती ने ये बयान कश्मीर संभाग के कुलगाम में दिया है।
इस बयान के कुछ दिन पहले महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर सरकारी संस्थानों(जांच एजेंसियों) का तालिबानीकरण करने का आरोप लगाया था। यह बात उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उनकी मां गुलशन नजीर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा करीब तीन घंटे तक पूछताछ के बाद कही थी।
महबूबा ने कहा कि दुर्भाग्य से जिन संस्थानों को हमारे अधिकारों की रक्षा करनी थी और जिन्हें संविधान की भावनाओं को बनाए रखना था उनका तालिबानीकरण हो चुका है। आरोप लगाया कि मीडिया का भी तालिबानीकरण हो गया है। मुख्यधारा की अधिकतर मीडिया भाजपा की बातों पर चलती है।
महबूबा ने दावा किया था कि मैंने परिसीमन आयोग से मिलने से इनकार कर दिया, जिसके अगले दिन समन मिल गया। मैंने पांच अगस्त को शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, अगले दिन फिर समन मिल गया। एनआईए और ईडी जैसी एजेंसियों का गठन गंभीर कार्यों के लिए हुआ था लेकिन दुर्भाग्य से इन एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिज्ञों, छात्रों, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों के खिलाफ किया जा रहा है।