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चीन की बौखलाहट के ये हैं प्रमुख कारण, रिटायर्ड कर्नल वीके साही ने कहा- ड्रैगन को सिखाना चाहिए सबक
Thu, 18 Jun 2020 03:56 PM IST
प्रशांत कुमार
अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 18 Jun 2020 03:56 PM IST
सार
- चीन की बौखलाहट के प्रमुख कारण
भारत का एलएसी पर मजबूत होता ढांचा।
भारत की पीओके वापस लेने की मुहिम।
पीओके में चीन ने अपना ट्रेड रूट तैयार किया है। जिसका उसे खोने का डर है।
चीन निर्मित वस्तुओं का बहिष्कार करने की मुहिम भी ड्रैगन को परेशान कर रही है।
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भारत चीन विवाद (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
एलएसी पर भारत के मजबूत होते नेटवर्क को चीन हजम नहीं कर पा रहा है। भारत में चीनी सामान के बायकॉट से भी वह बौखलाया हुआ है। भारतीय सैनिकों पर हमले के पीछे ये वजह भी बताई जा रही है। भारतीय सेना के रिटायर्ड कर्नल वीके साही का कहना है कि 1962 में चीन के 120 से अधिक सैनिकों को हमने ढेर किया था। इसके बाद से ही चीन लगातार एलएसी पर अपना रोड नेटवर्क और अन्य ढांचा मजबूत कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि पिछले 56 साल से चीन ने बॉर्डर पर अपना ढांचा बहुत विकसित कर भी लिया है। भारत ने 2015 से अपना ढांचा मजबूत करना शुरू किया। सड़कें बनानी शुरू की जो चीन को हजम नहीं हो रहा है। इससे चीन बौखलाया हुआ है। भारत के मजबूत ढांचे की वजह से चीन परेशान है। चीन को कड़ा सबक सिखाने की जरूरत है।
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सूत्रों के अनुसार लद्दाख की गलवां घाटी में भारतीय सैनिकों पर हमले की साजिश चीन पिछले डेढ़ महीने से रच रहा था। इस दौरान भारत को उकसा भी रहा था। लद्दाख में 5 मई को भारत और चीन के 200 सैनिक आमने-सामने हुए थे। 9 मई को सिक्किम में 150 सैनिक भिड़े थे। 9 मई को लद्दाख में चीन ने हेलिकॉप्टर तैनात कर दिए थे।
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इसके बाद तनाव बढ़ा तो 14 जून को दोनों देशों के बीच अनुबंध हुआ था कि चीन के सैनिक पीछे हटेंगे। चीन कुछ हद तक पीछे हटा भी। यही देखने के लिए सीओ टीम के साथ मौके पर गए थे। यहां पर चीन के सैनिकों ने उन पर हमला कर दिया। हालांकि चीन के इस विवाद के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। पूर्व सैन्य अफसर मानते हैं कि चीन को अब सबक सिखाने की आवश्यकता है।
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