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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Implementing UCC not easy like revoking Article 370, will affect all religions: Azad

श्रीनगर में आजाद: यूसीसी लागू करना अनुच्छेद 370 की तरह हटाना आसान नहीं, सभी धर्मों के लोगों पर पड़ेगा असर

Sat, 08 Jul 2023 04:08 PM IST
विमल शर्मा पीटीआई, श्रीनगर
पीटीआई, श्रीनगर Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 08 Jul 2023 04:08 PM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने केंद्र सरकार से प्रदेश में जल्द विधानसभा चुनाव करवाने की वकालत की। उन्होंने पिछले साल सितंबर में अपनी नई पार्टी डीपीएपी का गठन किया था। प्रदेश में 2018 में विधानसभा भंग कर दी गई थी। 

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Implementing UCC not easy like revoking Article 370, will affect all religions: Azad
गुलाम नबी आजाद - फोटो : संवाद

विस्तार

पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को ला0गू करना अनुच्छेद 370 को रद्द करने जितना आसान नहीं होगा।। शनिवार को यूसीसी लागू करने को लेकर केंद्र सरकार को आगाह करते हुए कहा कि इसका असर सभी धर्मों पर पड़ेगा। उन्होंने श्रीनगर में कहा कि इसे लागू करने का कोई सवाल ही नहीं है।

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अनुच्छेद 370 को रद्द करना उतना आसान नहीं है। सभी धर्म इसमें शामिल हैं। न केवल मुस्लिम, बल्कि ईसाई और सिख, आदिवासी, जैन, पारसी भी इससे प्रभावित होंगे। डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आज़ाद पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए अच्छा नहीं होगा।
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इसलिए मैं सरकार को सुझाव देता हूं कि वह यह कदम उठाने के बारे में सोचे भी नहीं। डीपीएपी अध्यक्ष ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के भूमिहीनों को सरकारी जमीन देने वाली नीति की घोषणा का स्वागत किया। इसके साथ ही मांग रखी है कि जमीन बाहरी लोगों को नहीं बल्कि केंद्र शासित प्रदेश के गरीब निवासियों को दी जाए।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री, जिन्होंने कांग्रेस के साथ अपने पांच दशक से अधिक पुराने संबंध को समाप्त करने के बाद पिछले साल सितंबर में डीपीएपी का गठन किया था ने केंद्र शासित प्रदेश में शीघ्र विधानसभा चुनाव की वकालत की। कहा कि 2018 में विधानसभा भंग कर दी गई थी।

तब से हम चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली का इंतजार कर रहे हैं। जब लोग अपने प्रतिनिधियों को चुनेंगे, तो वे विधायक बनेंगे और सरकार बनाएंगे। लोकतंत्र में केवल निर्वाचित प्रतिनिधि ही लोगों के लिए काम कर सकते हैं।

अधिकारी इसे यहां या देश में कहीं भी छह महीने से अधिक समय तक नहीं चला सकते। निर्वाचित प्रतिनिधियों का होना महत्वपूर्ण है। हम लगातार यह मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएं।


महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के घटनाक्रम पर आजाद ने कहा कि मेरे मन में (शरद) पवार के लिए बहुत सम्मान है, मैं चाहता था कि उनकी पार्टी मजबूत हो। लेकिन आंतरिक स्थिति के कारण जो कुछ भी हुआ इससे खुश नहीं हूं। यह उनका आंतरिक मामला है।

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