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Jammu News: भारी बारिश से लद्दाख के प्राचीन पुरातात्विक स्थलों को भारी नुकसान
Tue, 09 Sep 2025 02:04 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 09 Sep 2025 02:04 AM IST
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भारी बारिश के कारण नामग्याल त्सेमो मठ क्षतिग्रस्त। स्रोत - सोशल मीडिया
लेह। लद्दाख में लगातार हो रही भारी बारिश से ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को नुकसान पहुंचा है। इस संबंध में लद्दाख बौद्ध संघ की विरासत समिति ने प्रभावित स्थलों का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लेह और आसपास के क्षेत्रों में कई मणि दीवारें और स्तूप क्षतिग्रस्त हुए हैं।
प्राचीन स्तूप और मणि दीवारें अपेक्षाकृत कम प्रभावित हुईं, जबकि हाल के वर्षों में बनाए गए नए निर्माणों को अधिक नुकसान पहुंचा है। विरासत समिति के अध्यक्ष ग्येन् थुपस्तान पलदान ने बौद्ध स्मारकों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और उनके संरक्षण एवं पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने लोगों से विरासत स्थलों की मरम्मत में आधुनिक सामग्री, विशेष रूप से सीमेंट का उपयोग न करने की अपील की, क्योंकि इससे उनके पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व को नुकसान पहुंचता है।
इस बीच, भारी बारिश के कारण नामग्याल त्सेमो मठ का एक हिस्सा ढह गया। घटना के बाद, संबंधित विभाग, सड़क एवं भवन, के अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का विस्तृत निरीक्षण किया। मठ के किसी भी प्रकार के जीर्णोद्धार या मरम्मत कार्य के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से अनुमति आवश्यक है, इसलिए भाजपा अपर लेह मंडल की टीम ने नई दिल्ली में पुरातत्व निदेशक सुंदर पॉल से मुलाकात की और एक विस्तृत रिपोर्ट साझा की।
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पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम में जान्हवीज शर्मा (एडीजी, एएसआई), सुंदर पॉल (निदेशक, संरक्षण), पीयूष भट्ट (अधीक्षण पुरातत्वविद्), खादिम हुसैन (उप निदेशक, अभिलेखागार एवं पुरातत्व, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख) आदि शामिल रहे।
इसके अलावा, लद्दाख के पुलिस महानिदेशक डॉ. एस. डी. सिंह जामवाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें पर्यटन एवं संस्कृति सचिव संजीत रोड्रिग्स, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और अभिलेखागार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में भारी बारिश के कारण क्षेत्र में हुए नुकसान की समीक्षा के साथ-साथ लद्दाख की सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लेह और कारगिल जिलों में शिलालेख (पेट्रोग्लिफ) पार्क स्थापित किए जाएंगे। इसी क्रम में, एएसआई अधिकारियों ने कारगिल में रंगदुम मठ, करचे खार चंबा और अपाती चंबा का निरीक्षण किया। लेह में लेह पैलेस, नामग्याल त्सेमो, फ्यांग, वानला और लामायुरु मठों का दौरा किया गया। फिलहाल, एएसआई ने करछे खार चंबा का संरक्षण कार्य शुरू कर दिया है, जबकि अपाती चंबा का संरक्षण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।
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प्राचीन स्तूप और मणि दीवारें अपेक्षाकृत कम प्रभावित हुईं, जबकि हाल के वर्षों में बनाए गए नए निर्माणों को अधिक नुकसान पहुंचा है। विरासत समिति के अध्यक्ष ग्येन् थुपस्तान पलदान ने बौद्ध स्मारकों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और उनके संरक्षण एवं पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने लोगों से विरासत स्थलों की मरम्मत में आधुनिक सामग्री, विशेष रूप से सीमेंट का उपयोग न करने की अपील की, क्योंकि इससे उनके पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व को नुकसान पहुंचता है।
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इस बीच, भारी बारिश के कारण नामग्याल त्सेमो मठ का एक हिस्सा ढह गया। घटना के बाद, संबंधित विभाग, सड़क एवं भवन, के अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का विस्तृत निरीक्षण किया। मठ के किसी भी प्रकार के जीर्णोद्धार या मरम्मत कार्य के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से अनुमति आवश्यक है, इसलिए भाजपा अपर लेह मंडल की टीम ने नई दिल्ली में पुरातत्व निदेशक सुंदर पॉल से मुलाकात की और एक विस्तृत रिपोर्ट साझा की।
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पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम में जान्हवीज शर्मा (एडीजी, एएसआई), सुंदर पॉल (निदेशक, संरक्षण), पीयूष भट्ट (अधीक्षण पुरातत्वविद्), खादिम हुसैन (उप निदेशक, अभिलेखागार एवं पुरातत्व, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख) आदि शामिल रहे।
इसके अलावा, लद्दाख के पुलिस महानिदेशक डॉ. एस. डी. सिंह जामवाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें पर्यटन एवं संस्कृति सचिव संजीत रोड्रिग्स, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और अभिलेखागार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में भारी बारिश के कारण क्षेत्र में हुए नुकसान की समीक्षा के साथ-साथ लद्दाख की सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लेह और कारगिल जिलों में शिलालेख (पेट्रोग्लिफ) पार्क स्थापित किए जाएंगे। इसी क्रम में, एएसआई अधिकारियों ने कारगिल में रंगदुम मठ, करचे खार चंबा और अपाती चंबा का निरीक्षण किया। लेह में लेह पैलेस, नामग्याल त्सेमो, फ्यांग, वानला और लामायुरु मठों का दौरा किया गया। फिलहाल, एएसआई ने करछे खार चंबा का संरक्षण कार्य शुरू कर दिया है, जबकि अपाती चंबा का संरक्षण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।

भारी बारिश के कारण नामग्याल त्सेमो मठ क्षतिग्रस्त। स्रोत - सोशल मीडिया