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तीमारदार मुश्किल में अस्पताल आते हैं, उनसे अच्छा व्यवहार जरूरी : डीसी
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डीसी ने एमबीबीएस छात्रों को किया संबोधित, कहा - स्ट्रेस मैनेजमेंट समय की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। चिकित्सा पेशा सिर्फ कॅरिअर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, यह सेवा का माध्यम है। मरीज के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को बनाए रखने की जरूरत है। अस्पताल में जब तीमारदार मरीज के साथ आता है तो वह परेशान होता है। एक डॉक्टर होने के नाते उस समय हमें उसको समझने की जरूरत होती है। ये बातें डीसी जम्मू राकेश मिन्हास ने शनिवार को जीएमसी जम्मू की छात्र अनुसंधान एवं विकास परिषद (एसआरडीसी) की ओर से आयोजित संवाद सत्र में कही।
जीएमसी के एनएस पठानिया हॉल में आयोजित सत्र में मेडिकल छात्रों ने भाग लिया। इसमें प्री-फाइन, फाइनल व एसआरडीसी के सदस्यों ने भाग लिया। डीसी ने कहा कि तनाव और कॅरिअर प्रबंधन समय की मांग है। उन्होंने कहा कि आईएएस करने से पहले एमएस सर्जरी की थी। इस दौरान ही आईएएस करने की सोची थी। उन्होंने छात्रों के लिए कॅरिअर विकल्प बहुत है। डीसी ने छात्रों को खुद को प्रेरित करने को कहा है। उन्होंने डॉक्टरों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। छात्रों को अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण और समाज के उत्थान की दिशा में लगाने को कहा। सत्र के अंत में छात्रों ने स्वास्थ्य प्रशासन, मरीज प्रबंधन, फील्ड की चुनौतियां पर प्रश्न पूछे। डीसी ने प्रश्न का विस्तार से उत्तर दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। चिकित्सा पेशा सिर्फ कॅरिअर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, यह सेवा का माध्यम है। मरीज के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को बनाए रखने की जरूरत है। अस्पताल में जब तीमारदार मरीज के साथ आता है तो वह परेशान होता है। एक डॉक्टर होने के नाते उस समय हमें उसको समझने की जरूरत होती है। ये बातें डीसी जम्मू राकेश मिन्हास ने शनिवार को जीएमसी जम्मू की छात्र अनुसंधान एवं विकास परिषद (एसआरडीसी) की ओर से आयोजित संवाद सत्र में कही।
जीएमसी के एनएस पठानिया हॉल में आयोजित सत्र में मेडिकल छात्रों ने भाग लिया। इसमें प्री-फाइन, फाइनल व एसआरडीसी के सदस्यों ने भाग लिया। डीसी ने कहा कि तनाव और कॅरिअर प्रबंधन समय की मांग है। उन्होंने कहा कि आईएएस करने से पहले एमएस सर्जरी की थी। इस दौरान ही आईएएस करने की सोची थी। उन्होंने छात्रों के लिए कॅरिअर विकल्प बहुत है। डीसी ने छात्रों को खुद को प्रेरित करने को कहा है। उन्होंने डॉक्टरों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। छात्रों को अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण और समाज के उत्थान की दिशा में लगाने को कहा। सत्र के अंत में छात्रों ने स्वास्थ्य प्रशासन, मरीज प्रबंधन, फील्ड की चुनौतियां पर प्रश्न पूछे। डीसी ने प्रश्न का विस्तार से उत्तर दिया।
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