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Jammu News: ठंड बढ़ते ही बुजुर्गों की फूलने लगी सांस, दमा से परेशान
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जम्मू शहर स्थित सरकारी चेस्ट हास्पिटल। अमर उजाला
- फोटो : udhampur news
- डाॅक्टर धूम्रपान से बचने की दे रहे सलाह, समय पर जांच कराने की जरूरत
- रोज 40 से 50 मरीज पहुंच रहे अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ठंड शुरू होते ही बुजुर्गों में सांस लेने में तकलीफ, दमा से परेशान होकर अस्पताल में दिखाने का सिलसिला शुरू हो गया है। रोज जीएमसी से संबद्ध चेस्ट हाॅस्पिटल में रोज 40 से 50 बुजुर्ग और युवा भी अब सांस फूलने व दमा की शिकायत लेकर ओपीडी में पहुंच रहे हैं। डाॅक्टर का कहना है कि ठंड में दमा व सांस रोगियों को खुद को बचाने की जरूरत है। धूम्रपान कर रहे लोगों को खासकर ध्यान देने की जरूरत है। यह जानलेवा हो सकता है।
चेस्ट हाॅस्पिटल के वरिष्ठ चेस्ट रोग विशेषज्ञ डाॅ. राहुल कुमार ने कहा कि इन दिनों एकाएक मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। इसमें खासकर बुजुर्गों में जिनके अंदर दमा व सांस की बीमारी पहले से ही है उनको बचाव की जरूरत है। ठंड के सीजन में गर्म कपड़ों को पहनने के साथ ही किसी तरह की ऐसी चीज जो कि सांस को बढ़ा देती है उसका सेवन नहीं करना चाहिए। खास तौर पर बीड़ी,सिगरेट पीने वालों को इसको पीने से बचना चाहिए। एक बार सांस उखड़ गई तो इसको संतुलित करने में काफी परेशानी होती है। बिना किसी विशेषज्ञ डाक्टर की सलाह के दवा लेना खतरे से कम नहीं है। चेस्ट हास्पिटल में रोजाना आ रहे मरीजों में युवाओं की संख्या भी काफी है।
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सीने में कफ होने से टीबी की बढ़ रही आशंका
डाॅक्टर के अनुसार अगर लगातार खांसी है तो दमा के रोगियों को टीबी की जांच जरूर करानी चाहिए। चेस्ट हाॅस्पिटल के सामने ही टीबी अस्पताल भी है जहां पर जांच की सुविधा है। ठंड में बुजुर्गों के खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ठंडे पानी से नहाने व ऐसी वस्तुएं जिनकी तासीर ठंडी है उनका सेवन नहीं करना चाहिए।
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- रोज 40 से 50 मरीज पहुंच रहे अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ठंड शुरू होते ही बुजुर्गों में सांस लेने में तकलीफ, दमा से परेशान होकर अस्पताल में दिखाने का सिलसिला शुरू हो गया है। रोज जीएमसी से संबद्ध चेस्ट हाॅस्पिटल में रोज 40 से 50 बुजुर्ग और युवा भी अब सांस फूलने व दमा की शिकायत लेकर ओपीडी में पहुंच रहे हैं। डाॅक्टर का कहना है कि ठंड में दमा व सांस रोगियों को खुद को बचाने की जरूरत है। धूम्रपान कर रहे लोगों को खासकर ध्यान देने की जरूरत है। यह जानलेवा हो सकता है।
चेस्ट हाॅस्पिटल के वरिष्ठ चेस्ट रोग विशेषज्ञ डाॅ. राहुल कुमार ने कहा कि इन दिनों एकाएक मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। इसमें खासकर बुजुर्गों में जिनके अंदर दमा व सांस की बीमारी पहले से ही है उनको बचाव की जरूरत है। ठंड के सीजन में गर्म कपड़ों को पहनने के साथ ही किसी तरह की ऐसी चीज जो कि सांस को बढ़ा देती है उसका सेवन नहीं करना चाहिए। खास तौर पर बीड़ी,सिगरेट पीने वालों को इसको पीने से बचना चाहिए। एक बार सांस उखड़ गई तो इसको संतुलित करने में काफी परेशानी होती है। बिना किसी विशेषज्ञ डाक्टर की सलाह के दवा लेना खतरे से कम नहीं है। चेस्ट हास्पिटल में रोजाना आ रहे मरीजों में युवाओं की संख्या भी काफी है।
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सीने में कफ होने से टीबी की बढ़ रही आशंका
डाॅक्टर के अनुसार अगर लगातार खांसी है तो दमा के रोगियों को टीबी की जांच जरूर करानी चाहिए। चेस्ट हाॅस्पिटल के सामने ही टीबी अस्पताल भी है जहां पर जांच की सुविधा है। ठंड में बुजुर्गों के खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ठंडे पानी से नहाने व ऐसी वस्तुएं जिनकी तासीर ठंडी है उनका सेवन नहीं करना चाहिए।
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