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शहरी इलाकों में अप्रैल से गेहूं की जगह आटा मिलेगा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 30 Mar 2016 12:03 PM IST
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flour
- फोटो : FILE PHOTO
रियासत के शहरी इलाकों में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गेहूं मिलने का राशन कार्ड धारकों का विरोध रंग लाया है। राज्यपाल के सलाहकार परवेज दीवान ने मंगलवार को उपभोक्ता मामले एवं जन वितरण विभाग (सीएपीडी) के आयुक्त सचिव को निर्देश जारी किए कि अप्रैल से शहरी इलाकों में गेहूं की जगह आटा की आपूर्ति बहाल की जाए।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की समीक्षा करते हुए दीवान ने कहा अर्बन डेवलपमेंट एक्ट के अंतर्गत आने वाले इलाकों में राशन कार्ड धारकों को अप्रैल 2016 से गेहूं की जगह आटा वितरित किया जाए।
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बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि जम्मू संभाग में फरवरी में आटे की जगह गेहूं जारी होने की वजह से कार्ड धारकों ने 50 फीसदी राशन ही लिया। जबकि कश्मीर डिवीजन में 95 फीसदी राशन कार्ड धारकों को वितरित किया गया।
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इसके साथ ही राज्यपाल के सलाहकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बनाई गई सूचियों में राशन कार्ड धारकों के गलत नाम, कार्ड धारकों की संख्या व अन्य गलतियों को भी दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने जांच कर फर्जी राशन कार्डों को रद्द करने के भी निर्देश दिए।