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कुलगाम में छठे दिन भी मुठभेड़: 2-3 आतंकवादियों की गतिविधि ट्रैक करने के बाद तेज हुई तलाश
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Kulgam: Security personnel on the sixth day of anti-terrorist operation, in Jammu and Kashmir's
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल इलाके के घने जंगलों में चल रही मुठभेड़ छठे दिन भी जारी रही। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बीती रात मौसम खराब होने के बावजूद भी सुरक्षाबलों के जवान बारिश के बीच भी ऑपरेशन में डटे रहे और बुधवार को भी यह ऑपरेशन लगातार जारी रहा।
सूत्रों ने बताया कि अखल वन क्षेत्र में जारी ऑपरेशन के दौरान एरियल सर्विलांस से अभी भी 2-3 आतंकवादियों की मूवमेंट ट्रैक की गई है जिसके चलते बड़ी ही सावधानी से बिना कोई जोखिम उठाए ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मूवमेंट के आधार पर टैक्टिकल रणनीति के साथ इस ऑपरेशन को सुरक्षाबलों के अंजाम दे रहे हैं। इस दौरान घना जंगल, दुर्गम पहाड़ियां और उसपर बीच-बीच में खराम मौसम एक चुनौती बना हुआ है। लेकिन उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि जल्द इस ऑपरेशन को संपन्न करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की जाएगी।
गौरतलब है कि स्थानीय लोगों ने बताया कि पांच दिन के बाद छठे दिन गोलीबारी थोड़ी रोज़ के मुकाबले थोड़ी कम सुनाई दी लेकिन रात में बारिश के बीच भीषण गोलाबारी और फायरिंग से इलाका थर्रा उठा था। बता दें कि सुरक्षाबलों ने लगातार क्षेत्र में मुठभेड़ में शामिल आतंकवादियों पर शिकंजा कसा हुआ है। आतंकवादियों का पता लगाने के लिए लगातार सुरक्षाबलों द्वारा ड्रोन, क्वाड कॉप्टर, हेली कॉप्टर सहित अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद, दक्षिण कश्मीर जिले के अखल वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों द्वारा घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू करने के बाद शुक्रवार को शुरू हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए जिनमें से केवल एक की ही शिनाख्त पुलवामा के हारिस नज़ीर के तौर पर हो पाई है जोकि 2023 से लश्कर-ए-तैयबा में सक्रीय था। इस मुठभेड़ के दौरान चार सेना के जवान भी घायल बताए जा रहे हैं।
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बता दें कि इस ऑपरेशन को सेना की स्पेशल पैरा फोर्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), कुलगाम पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। क्षेत्र एक घना जंगल होने के कारण ऑपरेशन में समय लग रहा है। सूत्रों की मानें तो जंगल में कई प्राकृतिक गुफाएं भी हैं जिसमें आतंकवादी ठिकाना होने की संभावना भी जताई जा रही है। इसके अलावा सूत्रों ने बताया कि अब सुरक्षाबलों ने घेरा बढ़ाते हुए पास के लाम्मर वन क्षेत्र में को भी कॉर्डन कर दिया है। बता दें कि इस क्षेत्र के उस पार ज़िले का दमहाल हांजीपोरा क्षेत्र पड़ता है जो आगे जम्मू संभाग के रियासी के साथ मिलता है।
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सूत्रों ने बताया कि अखल वन क्षेत्र में जारी ऑपरेशन के दौरान एरियल सर्विलांस से अभी भी 2-3 आतंकवादियों की मूवमेंट ट्रैक की गई है जिसके चलते बड़ी ही सावधानी से बिना कोई जोखिम उठाए ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मूवमेंट के आधार पर टैक्टिकल रणनीति के साथ इस ऑपरेशन को सुरक्षाबलों के अंजाम दे रहे हैं। इस दौरान घना जंगल, दुर्गम पहाड़ियां और उसपर बीच-बीच में खराम मौसम एक चुनौती बना हुआ है। लेकिन उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि जल्द इस ऑपरेशन को संपन्न करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की जाएगी।
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गौरतलब है कि स्थानीय लोगों ने बताया कि पांच दिन के बाद छठे दिन गोलीबारी थोड़ी रोज़ के मुकाबले थोड़ी कम सुनाई दी लेकिन रात में बारिश के बीच भीषण गोलाबारी और फायरिंग से इलाका थर्रा उठा था। बता दें कि सुरक्षाबलों ने लगातार क्षेत्र में मुठभेड़ में शामिल आतंकवादियों पर शिकंजा कसा हुआ है। आतंकवादियों का पता लगाने के लिए लगातार सुरक्षाबलों द्वारा ड्रोन, क्वाड कॉप्टर, हेली कॉप्टर सहित अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद, दक्षिण कश्मीर जिले के अखल वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों द्वारा घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू करने के बाद शुक्रवार को शुरू हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए जिनमें से केवल एक की ही शिनाख्त पुलवामा के हारिस नज़ीर के तौर पर हो पाई है जोकि 2023 से लश्कर-ए-तैयबा में सक्रीय था। इस मुठभेड़ के दौरान चार सेना के जवान भी घायल बताए जा रहे हैं।
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बता दें कि इस ऑपरेशन को सेना की स्पेशल पैरा फोर्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), कुलगाम पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। क्षेत्र एक घना जंगल होने के कारण ऑपरेशन में समय लग रहा है। सूत्रों की मानें तो जंगल में कई प्राकृतिक गुफाएं भी हैं जिसमें आतंकवादी ठिकाना होने की संभावना भी जताई जा रही है। इसके अलावा सूत्रों ने बताया कि अब सुरक्षाबलों ने घेरा बढ़ाते हुए पास के लाम्मर वन क्षेत्र में को भी कॉर्डन कर दिया है। बता दें कि इस क्षेत्र के उस पार ज़िले का दमहाल हांजीपोरा क्षेत्र पड़ता है जो आगे जम्मू संभाग के रियासी के साथ मिलता है।