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Jammu News: जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों ने बारादरी मार्ग किया बंद
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रियासी पौनी मार्ग पर नारेबाजी करते जलशक्ति कर्मचारी व पुलिस अधिकारी से बात करते कर्मी।फोटो,संव
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले शुक्रवार को जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय से बारादरी-पौनी जाने वाले सड़क मार्ग को बंद कर धरना दिया। फ्रंट के प्रधान देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में कर्मचारी कार्यालय परिसर में इकट्ठा हुए। सभी ने एकजुट होकर नारेबाजी की।
बाद में कर्मचारी मुख्य मार्ग पर जमा हुए। उन्होंने कतारों में खड़े होकर मार्ग को बंद कर दिया। वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में घोटाले हो रहे हैं। वर्ष 2014 से 2020 तक जिन कर्मचारियों को वेतन दिया गया, उनका कोई रिकार्ड ही नहीं है। कितने कर्मियों को कितना वेतन बांटा गया, विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है।
रूरल व अर्बन क्षेत्र में कितने कर्मचारी जल शक्ति में काम कर रहे हैं। इसकी भी विस्तारपूर्वक जानकारी विभाग के पास नहीं है। कई ऐसे कर्मचारी हैं जो वेतन ले रहे हैं, लेकिन काम नहीं करते हैं। ऐसे लोग अपना खुद का कारोबार कर रहे हैं। वे दुकानों पर बैठे हैं। सरकार के खजाने को चपत लगाई जा रही है।
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उन्होंने कहा कि रियासी व दरमाड़ी डिवीजन में लगभग सात हजार कर्मचारी ऐसे हैं जो वेतन तो ले रहे हैं लेकिन काम नहीं करते। लगभग 45 मिनट तक मार्ग बंद रहा। मौके पर एसएचओ रंजीत सिंह राव ने पहुंच कर मार्ग खुलवाया। इसके बाद कर्मियों का एक दल अधिकारी से भी मिला।
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रियासी। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले शुक्रवार को जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय से बारादरी-पौनी जाने वाले सड़क मार्ग को बंद कर धरना दिया। फ्रंट के प्रधान देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में कर्मचारी कार्यालय परिसर में इकट्ठा हुए। सभी ने एकजुट होकर नारेबाजी की।
बाद में कर्मचारी मुख्य मार्ग पर जमा हुए। उन्होंने कतारों में खड़े होकर मार्ग को बंद कर दिया। वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में घोटाले हो रहे हैं। वर्ष 2014 से 2020 तक जिन कर्मचारियों को वेतन दिया गया, उनका कोई रिकार्ड ही नहीं है। कितने कर्मियों को कितना वेतन बांटा गया, विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है।
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रूरल व अर्बन क्षेत्र में कितने कर्मचारी जल शक्ति में काम कर रहे हैं। इसकी भी विस्तारपूर्वक जानकारी विभाग के पास नहीं है। कई ऐसे कर्मचारी हैं जो वेतन ले रहे हैं, लेकिन काम नहीं करते हैं। ऐसे लोग अपना खुद का कारोबार कर रहे हैं। वे दुकानों पर बैठे हैं। सरकार के खजाने को चपत लगाई जा रही है।
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उन्होंने कहा कि रियासी व दरमाड़ी डिवीजन में लगभग सात हजार कर्मचारी ऐसे हैं जो वेतन तो ले रहे हैं लेकिन काम नहीं करते। लगभग 45 मिनट तक मार्ग बंद रहा। मौके पर एसएचओ रंजीत सिंह राव ने पहुंच कर मार्ग खुलवाया। इसके बाद कर्मियों का एक दल अधिकारी से भी मिला।