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Jammu: ईडी की बड़ी कार्रवाई, आतंकी गतिविधियों और पत्थरबाजी को पैसा जुटाने वालों की संपत्ति अटैच
Wed, 17 Jan 2024 11:10 PM IST
आकाश दुबे
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: आकाश दुबे
Updated Wed, 17 Jan 2024 11:10 PM IST
सार
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत सात अचल संपत्तियों और दो बैंक खातों को अस्थायी रूप से संलग्न किया गया है। ईडी ने एक बयान में कहा कि इनका संबंध अलगाववादी संगठन साल्वेशन फ्रंट के प्रमुख मोहम्मद अकबर भट, फातिमा शाह, काजी यासिर, मोहम्मद अब्दुल्ला शाह और इकबाल मीर से है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आतंकी गतिविधियों और पत्थरबाजी के लिए पैसा जुटाने वाले जम्मू-कश्मीर के कुछ गुर्गों के खिलाफ जांच के तहत पांच करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और बैंक जमा राशि अटैच की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत सात अचल संपत्तियों और दो बैंक खातों को अस्थायी रूप से संलग्न किया गया है।
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ईडी ने एक बयान में कहा कि इनका संबंध अलगाववादी संगठन साल्वेशन फ्रंट के प्रमुख मोहम्मद अकबर भट, फातिमा शाह, काजी यासिर, मोहम्मद अब्दुल्ला शाह और इकबाल मीर से है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला जम्मू-कश्मीर पुलिस की एफआईआर और अकबर भट, फातिमा शाह, अल्ताफ अहमद भट, काजी यासिर, सैयद खालिद गिलानी उर्फ खालिद अंद्राबी और अन्य के खिलाफ दायर आरोपपत्र पर आधारित है। इन पर जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए पाकिस्तानी कॉलेजों में एमबीबीएस और अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश की व्यवस्था करने वाले कुछ पाकिस्तान स्थित आकाओं के साथ साठगांठ होने के आरोप है। प्रत्येक छात्र से एक सीट के लिए लगभग 10-15 लाख रुपये वसूले गए। ईडी ने कहा कि जांच में पाया गया कि पैसा आरोपियों के व्यक्तिगत खातों के साथ-साथ अल-जबर ट्रस्ट के खातों में प्राप्त हुआ था, जो धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए था। इन खातों का उपयोग छात्रों से धन प्राप्त करने के उद्देश्य से किया गया था और बाद में भारत में विभिन्न तरीकों से आतंकी गतिविधियों में किया गया था जैसे पत्थरबाजों को धन वितरित करना, पाकिस्तान के आकाओं के निर्देशों पर जम्मू-कश्मीर में स्थित आतंकवादियों को धन प्रदान करने में।
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