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Jammu News: गुटों में बंटे ई-रिक्शा चालक, एक को रूट मंजूर और दूसरे को नामंजूर
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ट्रांसपोर्टरों द्वारा महेशपुरा चौक में प्रेस वार्ता की गई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में ई-रिक्शा के रूट और जोन में परिचालन पर आम सहमति नहीं बन रही। दो गुटों में बंटे ई-रिक्शा चालक फैसले के पक्ष और विपक्ष में हैं, जिसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है, क्योंकि परिचालन उन रूट पर हो रहा है जहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा है, लेकिन जहां यह सुविधा नहीं है वहां लोग परेशान हैं।
वीरवार को ऑल जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक हुई, जिसमें एक गुट के ई-रिक्शा चालकों ने एसोसिएशन की सदस्यता ली। चेयरमैन अजीत सिंह ने कहा कि ई-रिक्शा यूनियन अब एसोसिएशन के बैनर तले काम करेगी। तेजिंद्र पाल सिंह अमन ने कहा कि ई-रिक्शा और अन्य ट्रांसपोर्टरों के बीच विवाद खत्म हो गया है। ई-रिक्शा का तय रूट और जोन में ही परिचालन होगा।
वहीं, श्री माता वैष्णो देवी ई-रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष गौरव गुप्ता ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों ने प्रशासन पर चक्का जाम का दबाव बनाकर रूट और जोन बनवाए थे। रूट पर चलने को तैयार हैं, लेकिन जोन पर नहीं चलेंगे। यूनियन के साथ हजारों ई-रिक्शा चालक जुड़े हैं। ऐसे में कोई भी व्यक्ति यह नहीं कह सकता है कि वह ऑल जम्मू-कश्मीर ई-रिक्शा का प्रधान है। उन्होंने बताया कि दो दिन बाद डीसी के साथ बैठक है, जिसमें समस्याएं बताएंगे। ब्यूरो
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जम्मू। शहर में ई-रिक्शा के रूट और जोन में परिचालन पर आम सहमति नहीं बन रही। दो गुटों में बंटे ई-रिक्शा चालक फैसले के पक्ष और विपक्ष में हैं, जिसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है, क्योंकि परिचालन उन रूट पर हो रहा है जहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा है, लेकिन जहां यह सुविधा नहीं है वहां लोग परेशान हैं।
वीरवार को ऑल जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक हुई, जिसमें एक गुट के ई-रिक्शा चालकों ने एसोसिएशन की सदस्यता ली। चेयरमैन अजीत सिंह ने कहा कि ई-रिक्शा यूनियन अब एसोसिएशन के बैनर तले काम करेगी। तेजिंद्र पाल सिंह अमन ने कहा कि ई-रिक्शा और अन्य ट्रांसपोर्टरों के बीच विवाद खत्म हो गया है। ई-रिक्शा का तय रूट और जोन में ही परिचालन होगा।
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वहीं, श्री माता वैष्णो देवी ई-रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष गौरव गुप्ता ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों ने प्रशासन पर चक्का जाम का दबाव बनाकर रूट और जोन बनवाए थे। रूट पर चलने को तैयार हैं, लेकिन जोन पर नहीं चलेंगे। यूनियन के साथ हजारों ई-रिक्शा चालक जुड़े हैं। ऐसे में कोई भी व्यक्ति यह नहीं कह सकता है कि वह ऑल जम्मू-कश्मीर ई-रिक्शा का प्रधान है। उन्होंने बताया कि दो दिन बाद डीसी के साथ बैठक है, जिसमें समस्याएं बताएंगे। ब्यूरो
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