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Jammu News: लेबर कार्ड बनाने के बहाने महिलाओं से लिए थे दस्तावेज
Fri, 31 Jan 2025 03:08 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Fri, 31 Jan 2025 03:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण बैंक की ब्रांच कुंजवानी में अरनिया क्षेत्र की लगभग 70 महिलाओं के फर्जी बचत और लोन खाते खोले जाने के मामले में मोड़ आया है। फर्जी खाते खोले जाने की पीड़ित महिलाओं ने बताया कि डेढ़ साल पहले अरनिया में बाहरी क्षेत्र से आई महिला ने सत्संग कराया।
क्षेत्र की महिलाएं सत्संग सुनने जाती थीं। उक्त महिला द्वारा घर बैठे स्वरोजगार दिलाने की बात की जाती थी। जिसमें क्षेत्र की महिलाओं से दस्तावेज जमा करवाने के लिए कहा गया। महिलाओं ने बताया कि उक्त महिला को आधार कार्ड, पैन कार्ड, और फोटो दिए थे। तब स्वरोजगार के लिए लेबर कार्ड बनाना जरूरी बताया था।
इस दौरान प्रत्येक महिला से 50 रुपये लिए थे। महिलाओं ने बताया कि जुलाई 2024 में अरनिया और तरेबा क्षेत्र की लगभग 70 महिलाओं को डॉक के जरिए जम्मू-कश्मीर ग्रामीण बैंक की तरफ से नोटिस जारी किया गया।
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इसमें उनके बचत खाते और लोन खाते खुलने की बात सामने आई। उन्होंने बताया कि ज्यादातर महिलाओं ने नोटिस वापस कर दिए। उन्होंने बताया कि दूसरा नोटिस अब 23 जनवरी को जम्मू-कश्मीर ग्रामीण बैंक की तरफ से फिर से भेजा गया। इससे सभी महिलाएं परेशान हैं।
महिलाओं ने बताया कि वह ठगी का शिकार हुई हैं। लेकिन बैंक ने बिना जांच किए खाते और लोन कैसे मंजूर कर दिया। बैंक की इस लापरवाही पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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अरनिया। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण बैंक की ब्रांच कुंजवानी में अरनिया क्षेत्र की लगभग 70 महिलाओं के फर्जी बचत और लोन खाते खोले जाने के मामले में मोड़ आया है। फर्जी खाते खोले जाने की पीड़ित महिलाओं ने बताया कि डेढ़ साल पहले अरनिया में बाहरी क्षेत्र से आई महिला ने सत्संग कराया।
क्षेत्र की महिलाएं सत्संग सुनने जाती थीं। उक्त महिला द्वारा घर बैठे स्वरोजगार दिलाने की बात की जाती थी। जिसमें क्षेत्र की महिलाओं से दस्तावेज जमा करवाने के लिए कहा गया। महिलाओं ने बताया कि उक्त महिला को आधार कार्ड, पैन कार्ड, और फोटो दिए थे। तब स्वरोजगार के लिए लेबर कार्ड बनाना जरूरी बताया था।
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इस दौरान प्रत्येक महिला से 50 रुपये लिए थे। महिलाओं ने बताया कि जुलाई 2024 में अरनिया और तरेबा क्षेत्र की लगभग 70 महिलाओं को डॉक के जरिए जम्मू-कश्मीर ग्रामीण बैंक की तरफ से नोटिस जारी किया गया।
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इसमें उनके बचत खाते और लोन खाते खुलने की बात सामने आई। उन्होंने बताया कि ज्यादातर महिलाओं ने नोटिस वापस कर दिए। उन्होंने बताया कि दूसरा नोटिस अब 23 जनवरी को जम्मू-कश्मीर ग्रामीण बैंक की तरफ से फिर से भेजा गया। इससे सभी महिलाएं परेशान हैं।
महिलाओं ने बताया कि वह ठगी का शिकार हुई हैं। लेकिन बैंक ने बिना जांच किए खाते और लोन कैसे मंजूर कर दिया। बैंक की इस लापरवाही पर कार्रवाई होनी चाहिए।