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223 करोड़ रुपये के कर्ज धोखाधड़ी का मामला, जम्मू-कश्मीर कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार
Thu, 04 Jun 2020 12:28 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 04 Jun 2020 12:28 PM IST
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एंटी करप्शन ब्यूरो
- फोटो : सोशल मीडिया
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एंटी करप्शन ब्यूरो ने 223 करोड़ रूपये बैंक कर्ज की धोखाधड़ी मामले में जम्मू-कश्मीर स्टेट कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन मोहम्मद शफी डार को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को डार के खिलाफ एसीबी ने लुकआउट नोटिस जारी किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने झेलम कोऑपरेटिव हाउसिंग कॉलोनी के नाम पर हिलाल अहमद मीर को 223 करोड़ का कर्ज देने में नियमों का उल्लंघन किया है। मामले में डार की भी संलिप्तता है।
श्रीनगर में बनने वाली हाउसिंग कॉलोनी के लिए कोऑपरेटिव सोसायटी के सचिव से कर्ज देने की सिफारिश डार ने ही की थी। कॉलोनी के कोऑपरेटिव सोसायटी में पंजीकरण नहीं होने के बावजूद बिना किसी औपचारिकता के उसके लिए कर्ज जारी कर दिया गया।
आरोप है कि कॉलोनी बनाने वाले हिलाल ने डार के साथ मिलकर साजिश रची और धोखे से कर्ज ले लिया। शिकायत मिलने पर एसीबी ने डार के खिलाफ केस दर्ज किया था। केस दर्ज होने के बाद एसीबी ने डार को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया। उनके नहीं पहुंचने पर एसीबी ने मंगलवार को लुकआउट नोटिस जारी किया था।
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एसीबी ने 223 करोड़ रुपये में से 183 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं। 14 मई को हिलाल को गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के अनुसार लुकआउट नोटिस जारी होने पर डार ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि एसीबी का कहना है कि उन्हें कश्मीर में एक जगह से गिरफ्तार किया गया है।
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श्रीनगर में बनने वाली हाउसिंग कॉलोनी के लिए कोऑपरेटिव सोसायटी के सचिव से कर्ज देने की सिफारिश डार ने ही की थी। कॉलोनी के कोऑपरेटिव सोसायटी में पंजीकरण नहीं होने के बावजूद बिना किसी औपचारिकता के उसके लिए कर्ज जारी कर दिया गया।
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आरोप है कि कॉलोनी बनाने वाले हिलाल ने डार के साथ मिलकर साजिश रची और धोखे से कर्ज ले लिया। शिकायत मिलने पर एसीबी ने डार के खिलाफ केस दर्ज किया था। केस दर्ज होने के बाद एसीबी ने डार को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया। उनके नहीं पहुंचने पर एसीबी ने मंगलवार को लुकआउट नोटिस जारी किया था।
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एसीबी ने 223 करोड़ रुपये में से 183 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं। 14 मई को हिलाल को गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के अनुसार लुकआउट नोटिस जारी होने पर डार ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि एसीबी का कहना है कि उन्हें कश्मीर में एक जगह से गिरफ्तार किया गया है।