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तो रेप में बदल जाएगी छेड़छाड़ की धारा

Fri, 10 Aug 2018 02:28 AM IST
Updated Fri, 10 Aug 2018 02:28 AM IST
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तो रेप में बदल जाएगी छेड़छाड़ की धारा
जम्मू। छेड़छाड़ की धारा में केस दर्ज कर यौन शोषण के आरोपियों की बचाने की चाल कामयाब नहीं हो पाएगी। जानकारों की मानें तो रेप को लेकर जम्मू-कश्मीर में भी देश का ही कानून लागू है। अगर मामला छेड़छाड़ की धारा में दर्ज किया गया है और मेडिकल में आरोप की पुष्टि होती है तो यही धारा रेप की धारा में तब्दील हो जाएगी। 12 साल से कम उम्र की बच्ची के रेप के मामले में सजा-ए-मौत का प्रावधान किया गया है।
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बताते चलें कि त्रिकुटा नगर में एक प्ले स्कूल के तीन शिक्षकों पर मासूम बच्चियों के साथ गंदी हरकतें करने का आरोप है। लेकिन उन पर छेड़छाड़ की धारा दर्ज है। जबकि रेप के नए कानून में इस तरह से छेड़छाड़ रेप की धाराओं के अंदर आता है।
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इस मामले में वकील दीपिका सिंह राजावत के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में भी रेप के मामले में वही कानून लागू है, जो देश भर में लागू है। जिसे निर्भया रेप कांड के बाद अपनाया गया था। गवर्नर एनएन वोहरा ने इसी अप्रैल माह में जम्मू एंड कश्मीर क्रिमिनल ला (अमेंडमेंट) आर्डिनेंस-2018 और जम्मू एंड कश्मीर प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रन फ्राम सेक्सुअल वायलेंस आर्डिनेंस-2018 को मंजूरी दी थी।
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इसकेमुताबिक 16 साल से कम उम्र की किशोरी से रेप के मामले में दोषी को बीस दोषी आजीवन सलाखों केपीछे रहेग। 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची से बलात्कार के मामले में सजा-ए-मौत का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में दो माह केभीतर जांच पूरी करनी होगी। इसकेसाथ ही ट्रायल को भी छह माह के भीतर पूरा करना होगा और हाईकोर्ट को देरी की वजह भी बतानी होगी। बगैर पब्लिक प्रासीक्यूटर को सुने बगैर जमानत भी नहीं होगी। पाक्सो एक्ट में भी कठुआ और इंदौर में रेप की घटनाओं के बाद संशोधन किया गया था।


क्या कहता है नया कानून
निर्भया एक्ट में महिलाओं के खिलाफ होने वाले सेक्स अपराधों के खिलाफ कई प्रावधान किए गए। सबसे बड़ा बदलाव को रेप की परिभाषा में विस्तार था। इसके तहत महिला केसाथ किसी भी तरह के बल प्रयोग, शारीरिक छेड़छाड़ को भी शामिल किया गया। यहां तक कि एक महिला के शील को किसी शब्द या भाव-भंगिमा से चोट पहुंचाने पर भी तीन साल तक की जेल का प्रावधान किया गया। यह एक्ट तीन अप्रैल, 2013 को अस्तित्व में आया था।
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