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Jammu News: प्रशासन की जवाबदेही के लिए स्पीकर ने बनाईं 12 समितियां
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने बुधवार को विभिन्न कार्यों की देखरेख के लिए तीन वित्तीय समितियों सहित नौ सदन समितियों का गठन किया है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में प्रक्रिया और व्यवसाय संचालन के नियमों के तहत बनाई गई इन समितियों से प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
इन समितियों की सिफारिशों को विधानसभा में रखा जा सकेगा। इन सिफारिशों में जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता पर हल करने में मदद मिलेगी। वित्तीय कामकाज में मजबूती मिलेगी। इन सभी समितियों का कार्यकाल 31 मार्च 2026 तक होगा।
विधानसभा के अध्यक्ष ने वित्तीय समितियों में लोक लेखा समिति, अनुमान समिति, सार्वजनिक उपक्रमों पर समिति का गठन किया है। इन समितियों में विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों को शामिल किया गया है।
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11 सदस्यीय लोक लेखा समिति में भाजपा के वरिष्ठ विधायक शाम लाल शर्मा को चेयरमैन बनाया गया है। समिति के सदस्यों में विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों में मुबारक गुल, तारिक हमीद कर्रा, नजीर अहमद खान (गुरेजी), बलवंत सिंह मनकोटिया, क्यासर जमशेद लोन, अल्ताफ अहमद वानी, जावेद हसन बेग, डा. देवेंद्र कुमार मनियाल, सज्जाद शाहीन और मुज्जफर इकबाल खान शामिल हैं।
वहीं, 11 सदस्यीय अनुमान समिति में शमीम फिरदौस को चेयरमैन की जिम्मेदारी दी गई है। समिति के सदस्यों में गुलाम अहमद मीर, अब्दुल मजीद भट्ट लक्ष्मी, गुलाम मोहिउद्दीन मीर, पवन कुमार गुप्ता, गारू राम भगत, एजाज अहमद जान, डा. शफी अहमद वानी, चंद्र प्रकाश गंगा, प्यारे लाल शर्मा, अर्जुन सिंह राजू शामिल हैं।
11 सदस्यीय सार्वजनिक समिति में अली मोहम्मद सागर को चेयरमैन बनाया गया है। समिति के सदस्यों में सैफुल्लाह मीर, अली मोहम्मद डार, बलदेव राज शर्मा, मोहम्मद फैयाज, शक्ति राज परिहार, रणवीर सिंह पठानिया, डा. बशीर अहमद शाह वीरी, शौकत हुसैन गनेई, सैफुद्दीन भट्ट, तनवीर सादिक शामिल हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता शाम लाल शर्मा ने बताया कि अभी एक अन्य वित्तीय समिति का गठन होगा। कुल करीब 13 समितियां गठित होंगी। इन समितियों का उद्देश्य प्रशासनिक स्तर के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है।
समितियों के सदस्य संबंधित संस्थानों में औचक निरीक्षण करके वित्तीय ब्योरा ले सकते हैं। समितियों को माह में न्यूनतम एक बैठक करने का प्रावधान होगा, जिसमें अधिक बैठकें भी की जा सकती हैं। वित्तीय मामलों में संबंधित विभागों से सीधे जवाबदेही तय होगी।
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इन समितियों की सिफारिशों को विधानसभा में रखा जा सकेगा। इन सिफारिशों में जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता पर हल करने में मदद मिलेगी। वित्तीय कामकाज में मजबूती मिलेगी। इन सभी समितियों का कार्यकाल 31 मार्च 2026 तक होगा।
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विधानसभा के अध्यक्ष ने वित्तीय समितियों में लोक लेखा समिति, अनुमान समिति, सार्वजनिक उपक्रमों पर समिति का गठन किया है। इन समितियों में विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों को शामिल किया गया है।
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11 सदस्यीय लोक लेखा समिति में भाजपा के वरिष्ठ विधायक शाम लाल शर्मा को चेयरमैन बनाया गया है। समिति के सदस्यों में विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों में मुबारक गुल, तारिक हमीद कर्रा, नजीर अहमद खान (गुरेजी), बलवंत सिंह मनकोटिया, क्यासर जमशेद लोन, अल्ताफ अहमद वानी, जावेद हसन बेग, डा. देवेंद्र कुमार मनियाल, सज्जाद शाहीन और मुज्जफर इकबाल खान शामिल हैं।
वहीं, 11 सदस्यीय अनुमान समिति में शमीम फिरदौस को चेयरमैन की जिम्मेदारी दी गई है। समिति के सदस्यों में गुलाम अहमद मीर, अब्दुल मजीद भट्ट लक्ष्मी, गुलाम मोहिउद्दीन मीर, पवन कुमार गुप्ता, गारू राम भगत, एजाज अहमद जान, डा. शफी अहमद वानी, चंद्र प्रकाश गंगा, प्यारे लाल शर्मा, अर्जुन सिंह राजू शामिल हैं।
11 सदस्यीय सार्वजनिक समिति में अली मोहम्मद सागर को चेयरमैन बनाया गया है। समिति के सदस्यों में सैफुल्लाह मीर, अली मोहम्मद डार, बलदेव राज शर्मा, मोहम्मद फैयाज, शक्ति राज परिहार, रणवीर सिंह पठानिया, डा. बशीर अहमद शाह वीरी, शौकत हुसैन गनेई, सैफुद्दीन भट्ट, तनवीर सादिक शामिल हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता शाम लाल शर्मा ने बताया कि अभी एक अन्य वित्तीय समिति का गठन होगा। कुल करीब 13 समितियां गठित होंगी। इन समितियों का उद्देश्य प्रशासनिक स्तर के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है।
समितियों के सदस्य संबंधित संस्थानों में औचक निरीक्षण करके वित्तीय ब्योरा ले सकते हैं। समितियों को माह में न्यूनतम एक बैठक करने का प्रावधान होगा, जिसमें अधिक बैठकें भी की जा सकती हैं। वित्तीय मामलों में संबंधित विभागों से सीधे जवाबदेही तय होगी।