{"_id":"678ac6f1a6d53f081202aa1d","slug":"certificates-issued-to-women-artisans-srinagar-news-c-10-lko1027-525666-2025-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिल्पकला की सफलता में महिला कारीगरों का अहम रोल : निदेशक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिल्पकला की सफलता में महिला कारीगरों का अहम रोल : निदेशक
विज्ञापन
नूर आरी क्राफ्ट्स की कारीगरों को शेयर प्रमाणपत्र वितरित किए
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में महिला कारीगरों को सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए हस्तशिल्प व हथकरघा निदेशक मुसरत इस्लाम ने श्रीनगर के नूरबाग में नूर आरी क्राफ्ट्स निर्माता कंपनी की कारीगरों को शेयर प्रमाणपत्र वितरित किए। निदेशक ने कहा कि शिल्पकला की सफलता में महिला कारीगरों का अहम रोल है।
झेलम-तवी बाढ़ रिकवरी परियोजना के तहत 2020 में स्थापित नूर आरी क्राफ्ट्स न केवल स्थायी आजीविका को बढ़ावा देता है, बल्कि क्षेत्र में महिलाओं की उद्यमशीलता की भावना को उजागर करता है। कंपनी का गठन प्रदेश सरकार की पुनर्वास परियोजना के हिस्से के रूप में किया गया था। कंपनी का प्रबंधन पूरी तरह से महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। निदेशक ने कहा कि यह पहल सुनिश्चित करती है कि महिलाएं न केवल वेतन भोगी हैं, बल्कि अपने उद्यमों में प्रमुख हितधारक व निर्णयकर्ता भी हैं। कार्यक्रम का समापन नूर आरी क्राफ्ट्स के उत्कृष्ट हस्तनिर्मित उत्पादों के प्रदर्शन के साथ हुआ। इसमें कश्मीरी शिल्प कौशल की समृद्ध परंपरा और महिला कारीगरों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित किया गया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में महिला कारीगरों को सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए हस्तशिल्प व हथकरघा निदेशक मुसरत इस्लाम ने श्रीनगर के नूरबाग में नूर आरी क्राफ्ट्स निर्माता कंपनी की कारीगरों को शेयर प्रमाणपत्र वितरित किए। निदेशक ने कहा कि शिल्पकला की सफलता में महिला कारीगरों का अहम रोल है।
झेलम-तवी बाढ़ रिकवरी परियोजना के तहत 2020 में स्थापित नूर आरी क्राफ्ट्स न केवल स्थायी आजीविका को बढ़ावा देता है, बल्कि क्षेत्र में महिलाओं की उद्यमशीलता की भावना को उजागर करता है। कंपनी का गठन प्रदेश सरकार की पुनर्वास परियोजना के हिस्से के रूप में किया गया था। कंपनी का प्रबंधन पूरी तरह से महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। निदेशक ने कहा कि यह पहल सुनिश्चित करती है कि महिलाएं न केवल वेतन भोगी हैं, बल्कि अपने उद्यमों में प्रमुख हितधारक व निर्णयकर्ता भी हैं। कार्यक्रम का समापन नूर आरी क्राफ्ट्स के उत्कृष्ट हस्तनिर्मित उत्पादों के प्रदर्शन के साथ हुआ। इसमें कश्मीरी शिल्प कौशल की समृद्ध परंपरा और महिला कारीगरों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित किया गया।
विज्ञापन