कश्मीरी छात्रों की पिटाई पर विस में हंगामा, नेकां तथा कांग्रेस का सदन से वाकआउट
कश्मीरी छात्रों की हरियाणा में पिटाई मामले पर शनिवार को विधानसभा में हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर इस तरह की घटनाओं को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए वाकआउट किया। सरकार ने सदन को आश्वस्त किया कि इस मामले में हरियाणा सरकार से बात की गई है।
अब तक तीन लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता की ओर से कार्यवाही शुरू किए जाते ही विपक्ष ने यह मामला उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। साथ ही सरकार से जवाब देने की मांग की। इस पर प्रश्नकाल शुरू होने से पहले सदन में संसदीय कार्य मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने बताया कि सरकार हरियाणा प्रकरण को लेकर गंभीर है। शुक्रवार को दो कश्मीरी युवकों पर हमला हुआ था।
हरियाणा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के निर्देश पर गृह सचिव ने हरियाणा के गृह सचिव से बात की है। डीजीपी ने भी अपने स्तर पर वहां के डीजीपी से मामले पर बात की है। संसदीय कार्य मंत्री के जवाब के बाद प्रश्नकाल शांतिपूर्वक समाप्त हो गया।
शून्यकाल में फिर विपक्ष ने कश्मीरी छात्रों की पिटाई का मामला उठाया। कांग्रेस विधायक जीएम सरूरी ने दावा किया कि किश्तवाड़ के एक युवक की राज्य से बाहर हत्या कर दी गई।
विपक्ष ने किया वाकआउट
वह इस मामले पर सरकार से जवाब देने की मांग कर रहे थे। नेकां विधायक अल्ताफ कल्लू ने भी एक छात्र की ओर से भेजे गए मैसेज को पढ़ा जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन पर राज्य से बाहर हमले हो रहे हैं। इसके बाद नेकां तथा कांग्रेस विधायक हंगामा करने लगे।
उन्होंने सरकार पर इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इसके बाद विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। सदन से बाहर निकलते वक्त अल्ताफ कल्लू ने पीडीपी विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप भी कश्मीरी ही हो।
इस पर पीडीपी विधायक मोहम्मद अशरफ मीर ने कहा कि वे पहले कश्मीरी हैं फिर भारतीय। बाद में विधानसभा परिसर में पत्रकारों से नेकां विधायक अली मोहम्मद सागर ने कहा कि रियासत से बाहर कश्मीरी युवकों पर हमले काफी खतरनाक संकेत दे रहे हैं।
घाटी में एक संदेश जा रहा है कि वे सुरक्षित नहीं हैं। कश्मीरियों पर हमले करने वाले देश के मित्र नहीं हो सकते। हर कोई किसी भी विश्वविद्यालय या कालेज में जाने के लिए स्वतंत्र है। यदि धर्म, क्षेत्र तथा राज्य के नाम पर कोई बंदिश हो तो यह अच्छी बात नहीं है।