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Jammu News: बवंडर से दहला ब्यासपुर परलाह
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अरनिया। चक्रवात से क्षतिग्रस्त हुआ टीन शेड
बिजली के 16 खंभे और दो ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त
बड़े पेड़ जड़ समेत जमीन से बाहर निकले
एक किलोमीटर के दायरे में बवंडर ने ढाया कहर
अरनिया। सोमवार को गांव ब्यासपुर परलाह तेज बारिश के दौरान बवंडर की चपेट में आया है। इसके चलते बड़े पैमाने पर बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा है। बवंडर की चपेट में आने से बिजली के 16 खंभे और दो ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
बवंडर ने 250 एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर नीचे गिरा दिए हैं। गांव की 11000 केवी लाइन पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई है। बड़े पेड़ जड़ समेत जमीन से बाहर निकल गए हैं। ज्यादातर पेड़ बिजली की तारों पर गिरे हैं। इससे पूरे गांव की बिजली बंद हो गई है। लाइनमैन ने क्षतिग्रस्त बिजली ढांचे का मुआयना कर अगले दो से तीन दिन तक बिजली को सुचारु होने के लिए कहा है। सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ है। ग्रामीणों ने सड़क पर गिरे पेड़ों को अपने स्तर पर हटाया है। ब्यासपुर से अरनिया जाने वाले मार्ग पर सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बवंडर से टिन के शेड उड़ गए हैं।
हैरत की बात यह है की सिर्फ एक किलोमीटर के दायरे में बवंडर ने कहर ढाया है। गांव ब्यासपुर परलाह के इर्दगिर्द किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है। बवंडर का एपिसेंटर गांव ब्यासपुर परलाह रहा है। गांव के बीचोबीच बहते टन नाले का जलस्तर अचानक से बढ़ गया। भीषण बवंडर से क्षेत्र के लोग दहशत में हैं।
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गांव के स्थानीय निवासी अशोक कुमार ने कहा कि जोरदार बारिश के चलते बड़ी जोर से बादल गरजने की आवाज आई ऐसा प्रतीत हुआ कि बादल फट गए हैं। बाहर निकलकर देखा तो बवंडर के हालात बने हुए थे। पहली बार इतना तेज तूफान देखा है। बवंडर का माहौल बने रहने तक विनाशकारी प्रलय जैसे हालात बने रहे हैं।
गांव के स्थानीय निवासी देस राज ने बताया कि तूफान और बारिश के बीच खेतों में फंस गए। एक पल के लिए बादल फटने जैसा माहौल लगने लगा। अचानक से आसमानी बिजली कड़कने के बाद तूफान का गुब्बार आसमान पर बन गया। जिसके बाद तूफान की गति जहाज से भी तेज हो गई। देखते ही देखते बिजली के खंभे और बड़े-बड़े पेड़ नीचे गिरने लगे। उन्होंने कहा कि पहली बार प्राकृतिक आपदा के चलते मौत को करीब से महसूस किया है।
एईई भानु प्रताप सिंह जम्वाल ने क्षेत्र वासियों का फोन नहीं उठाया। इसके चलते लोगों को जल्दी बिजली सुचारु होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
तूफान और बारिश की गति काफी तीव्र रही है। गांव ब्यासपुर परलाह में बिजली के ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा है। विभाग को जल्द बिजली बहाल करने के लिए कहा गया है।
- राहुल शर्मा, तहसीलदार सुचेतगढ़
गांव ब्यासपुर परलाह में बवंडर से हुए बिजली ढांचे के नुकसान के बारे में रात नौ बजे तक पता नहीं है। अवगत करवाने के बाद पता करने के लिए कहा है।
अशोक कुमार छिब्बर, एक्सईएन बिजली विभाग
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बड़े पेड़ जड़ समेत जमीन से बाहर निकले
एक किलोमीटर के दायरे में बवंडर ने ढाया कहर
अरनिया। सोमवार को गांव ब्यासपुर परलाह तेज बारिश के दौरान बवंडर की चपेट में आया है। इसके चलते बड़े पैमाने पर बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा है। बवंडर की चपेट में आने से बिजली के 16 खंभे और दो ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
बवंडर ने 250 एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर नीचे गिरा दिए हैं। गांव की 11000 केवी लाइन पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई है। बड़े पेड़ जड़ समेत जमीन से बाहर निकल गए हैं। ज्यादातर पेड़ बिजली की तारों पर गिरे हैं। इससे पूरे गांव की बिजली बंद हो गई है। लाइनमैन ने क्षतिग्रस्त बिजली ढांचे का मुआयना कर अगले दो से तीन दिन तक बिजली को सुचारु होने के लिए कहा है। सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ है। ग्रामीणों ने सड़क पर गिरे पेड़ों को अपने स्तर पर हटाया है। ब्यासपुर से अरनिया जाने वाले मार्ग पर सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बवंडर से टिन के शेड उड़ गए हैं।
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हैरत की बात यह है की सिर्फ एक किलोमीटर के दायरे में बवंडर ने कहर ढाया है। गांव ब्यासपुर परलाह के इर्दगिर्द किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है। बवंडर का एपिसेंटर गांव ब्यासपुर परलाह रहा है। गांव के बीचोबीच बहते टन नाले का जलस्तर अचानक से बढ़ गया। भीषण बवंडर से क्षेत्र के लोग दहशत में हैं।
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गांव के स्थानीय निवासी अशोक कुमार ने कहा कि जोरदार बारिश के चलते बड़ी जोर से बादल गरजने की आवाज आई ऐसा प्रतीत हुआ कि बादल फट गए हैं। बाहर निकलकर देखा तो बवंडर के हालात बने हुए थे। पहली बार इतना तेज तूफान देखा है। बवंडर का माहौल बने रहने तक विनाशकारी प्रलय जैसे हालात बने रहे हैं।
गांव के स्थानीय निवासी देस राज ने बताया कि तूफान और बारिश के बीच खेतों में फंस गए। एक पल के लिए बादल फटने जैसा माहौल लगने लगा। अचानक से आसमानी बिजली कड़कने के बाद तूफान का गुब्बार आसमान पर बन गया। जिसके बाद तूफान की गति जहाज से भी तेज हो गई। देखते ही देखते बिजली के खंभे और बड़े-बड़े पेड़ नीचे गिरने लगे। उन्होंने कहा कि पहली बार प्राकृतिक आपदा के चलते मौत को करीब से महसूस किया है।
एईई भानु प्रताप सिंह जम्वाल ने क्षेत्र वासियों का फोन नहीं उठाया। इसके चलते लोगों को जल्दी बिजली सुचारु होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
तूफान और बारिश की गति काफी तीव्र रही है। गांव ब्यासपुर परलाह में बिजली के ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा है। विभाग को जल्द बिजली बहाल करने के लिए कहा गया है।
- राहुल शर्मा, तहसीलदार सुचेतगढ़
गांव ब्यासपुर परलाह में बवंडर से हुए बिजली ढांचे के नुकसान के बारे में रात नौ बजे तक पता नहीं है। अवगत करवाने के बाद पता करने के लिए कहा है।
अशोक कुमार छिब्बर, एक्सईएन बिजली विभाग