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Udhampur News: विश्व एड्स दिवस पर रैली निकाल कर किया जागरूक
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उधमपुर। जिला अस्पताल से एडस दिवस पर जागरूकता रैली निकालते छात्र
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। विश्व एड्स दिवस पर वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल से जागरूकता रैली निकाली गई। इसमें एएनएमटी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने शहर के विभिन्न हिस्सों में पहुंच कर शहरवासियों को एड्स से बचने के उपाय बताए। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. विजय बसनोत्रा मुख्य अतिथि थे।
सुबह करीब 11 बजे सीएमओ ने झंडी दिखा कर रैली को रवाना किया। रैली शहर के अस्पताल रोड, रामनगर चौक व शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर वापस जिला अस्पताल पहुंच कर संपन्न हुई। इस दौरान छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रकार के स्लोगन लिखी तख्तियां व बैनर थाम रखे थे और ‘एड्स दिवस पर है नारा, एड्स मुक्त हो विश्व सारा’ का आह्वान करते हुए चल रहे थे। उन्होंने शहरवासियों को बताया कि जागरूकता के अभाव में लोग एड्स का शिकार हो जाते हैं। इससे जागरूक रहकर ही बचा जा सकता है। अगर किसी को एड्स होने का शक है तो वह तुरंत अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच करवाए। समय रहते अगर इसका पता चल जाए तो इसको बढ़ने से रोका जा सकता है। इससे हम दूसरे को भी एड्स से बचा सकते हैं।
छात्रों ने नाटक के माध्यम से बताया कि एड्स छूने, पास बैठने और साथ खाने से नहीं फैलता, इसलिए एड्स के मरीजों के साथ छुआछूत करने की आवश्यकता नहीं है। एड्स स्वयं एक रोग नहीं हैं, बल्कि एक सिंड्रोम है, जिससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण हो जाती है।
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सीएमओ डॉ. विजय बसनोत्रा ने एड्स के कारणों, लक्षणों और बचाव के तौर तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एड्स एक लाइलाज रोग है और इसका इलाज सिर्फ बचाव ही है।
उन्होंने बताया कि उधमपुर में एड्स के उपचार के लिए आईसीडीसी सेंटर बनाया गया है। इसमें एड्स मरीजों की काउंसिलिंग की जाती है। उपचार के लिए भी कई तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। ब्लॉक हेडक्वार्टर पर भी लोगों को उपचार की सुविधा दी जा रही है। लोगों को इसको लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। किसी को रक्त चढ़ाने से पहले उसकी जांच की जाए और जांच के बाद किसी को रक्त दिया जाना चाहिए। केवल डिस्पोजेबल सिरिंज का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
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सुबह करीब 11 बजे सीएमओ ने झंडी दिखा कर रैली को रवाना किया। रैली शहर के अस्पताल रोड, रामनगर चौक व शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर वापस जिला अस्पताल पहुंच कर संपन्न हुई। इस दौरान छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रकार के स्लोगन लिखी तख्तियां व बैनर थाम रखे थे और ‘एड्स दिवस पर है नारा, एड्स मुक्त हो विश्व सारा’ का आह्वान करते हुए चल रहे थे। उन्होंने शहरवासियों को बताया कि जागरूकता के अभाव में लोग एड्स का शिकार हो जाते हैं। इससे जागरूक रहकर ही बचा जा सकता है। अगर किसी को एड्स होने का शक है तो वह तुरंत अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच करवाए। समय रहते अगर इसका पता चल जाए तो इसको बढ़ने से रोका जा सकता है। इससे हम दूसरे को भी एड्स से बचा सकते हैं।
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छात्रों ने नाटक के माध्यम से बताया कि एड्स छूने, पास बैठने और साथ खाने से नहीं फैलता, इसलिए एड्स के मरीजों के साथ छुआछूत करने की आवश्यकता नहीं है। एड्स स्वयं एक रोग नहीं हैं, बल्कि एक सिंड्रोम है, जिससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण हो जाती है।
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सीएमओ डॉ. विजय बसनोत्रा ने एड्स के कारणों, लक्षणों और बचाव के तौर तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एड्स एक लाइलाज रोग है और इसका इलाज सिर्फ बचाव ही है।
उन्होंने बताया कि उधमपुर में एड्स के उपचार के लिए आईसीडीसी सेंटर बनाया गया है। इसमें एड्स मरीजों की काउंसिलिंग की जाती है। उपचार के लिए भी कई तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। ब्लॉक हेडक्वार्टर पर भी लोगों को उपचार की सुविधा दी जा रही है। लोगों को इसको लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। किसी को रक्त चढ़ाने से पहले उसकी जांच की जाए और जांच के बाद किसी को रक्त दिया जाना चाहिए। केवल डिस्पोजेबल सिरिंज का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।