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Srinagar News: नेहरू और जवाहर इंस्टीट्यूट की संयुक्त टीम ने माउंट एकॉनकागुआ को जीता
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अमेरिका के माउंट एकॉनकागुआ पहुंची पर्वातारोहियों की टीम। स्रोत स्वयं
- फोटो : samvad
- दक्षिण अमेरिका के सर्वोच्च शिखर पर चढ़ी दोनों इंस्टीट्यूट की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
पहलगाम। नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (एनआईएम) उत्तरकाशी और जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (जेआईएम एंड डब्ल्यूएस) पहलगाम की संयुक्त छह सदस्यीय पर्वतारोहण टीम ने दक्षिण अमेरिका के सर्वोच्च शिखर माउंट एकॉनकागुआ (6961 मीटर) पर सफल चढ़ाई पूरी की। यह शिखर एशिया के बाहर दूसरा सर्वोच्च पर्वत है।
इस अभियान का नेतृत्व जेआईएम एंड डब्ल्यूएस, पहलगाम के प्राचार्य तथा एनआईएम, उत्तरकाशी के प्राचार्य कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया। अभियान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 5 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। टीम 8 फरवरी 2026 को अर्जेंटीना पहुंची और अपने महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय मिशन की शुरुआत की।
टीम के सदस्य में कर्नल हेम चंद्र सिंह (नेता), कैप्टन जी संतोष कुमार (उप-नेता), दीप बहादुर साही (सदस्य), विनोद गुसाई (सदस्य), नायब सूबेदार भूपिंदर सिंह, वीएसएम (सदस्य) और हवलदार रमेश कुमार, वीएसएम (सदस्य) थे। एंडीज पर्वतमाला में संरचित अनुकूलन (एक्लिमेटाइजेशन) कार्यक्रम के बाद टीम ने तैयारी के तौर पर पहले बोनेटे पीक (5050 मीटर) पर सफल चढ़ाई पूरी की। इस चढ़ाई ने टीम को उच्च ऊंचाई की परिस्थितियों के अनुकूल होने में मदद की, जिसके बाद वे माउंट एकॉनकागुआ के उच्च शिविरों की ओर बढ़े।
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टीम ने अत्यंत प्रतिकूल मौसम का सामना किया, जहां तापमान माइनस 20 से माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया और तेज हवाएं चल रही थीं। कठिन भूभाग और कठोर जलवायु ने पर्वतारोहियों की शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता की हर कसौटी पर परीक्षा ली। इसके बावजूद अटल संकल्प के साथ टीम ने अंतिम शिखर अभियान चलाया और 22 फरवरी 2026 को दोपहर 2:10 बजे माउंट एकॉनकागुआ (6961 मीटर) के शिखर पर पहुंचकर इतिहास रच दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पहलगाम। नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (एनआईएम) उत्तरकाशी और जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (जेआईएम एंड डब्ल्यूएस) पहलगाम की संयुक्त छह सदस्यीय पर्वतारोहण टीम ने दक्षिण अमेरिका के सर्वोच्च शिखर माउंट एकॉनकागुआ (6961 मीटर) पर सफल चढ़ाई पूरी की। यह शिखर एशिया के बाहर दूसरा सर्वोच्च पर्वत है।
इस अभियान का नेतृत्व जेआईएम एंड डब्ल्यूएस, पहलगाम के प्राचार्य तथा एनआईएम, उत्तरकाशी के प्राचार्य कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया। अभियान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 5 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। टीम 8 फरवरी 2026 को अर्जेंटीना पहुंची और अपने महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय मिशन की शुरुआत की।
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टीम के सदस्य में कर्नल हेम चंद्र सिंह (नेता), कैप्टन जी संतोष कुमार (उप-नेता), दीप बहादुर साही (सदस्य), विनोद गुसाई (सदस्य), नायब सूबेदार भूपिंदर सिंह, वीएसएम (सदस्य) और हवलदार रमेश कुमार, वीएसएम (सदस्य) थे। एंडीज पर्वतमाला में संरचित अनुकूलन (एक्लिमेटाइजेशन) कार्यक्रम के बाद टीम ने तैयारी के तौर पर पहले बोनेटे पीक (5050 मीटर) पर सफल चढ़ाई पूरी की। इस चढ़ाई ने टीम को उच्च ऊंचाई की परिस्थितियों के अनुकूल होने में मदद की, जिसके बाद वे माउंट एकॉनकागुआ के उच्च शिविरों की ओर बढ़े।
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टीम ने अत्यंत प्रतिकूल मौसम का सामना किया, जहां तापमान माइनस 20 से माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया और तेज हवाएं चल रही थीं। कठिन भूभाग और कठोर जलवायु ने पर्वतारोहियों की शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता की हर कसौटी पर परीक्षा ली। इसके बावजूद अटल संकल्प के साथ टीम ने अंतिम शिखर अभियान चलाया और 22 फरवरी 2026 को दोपहर 2:10 बजे माउंट एकॉनकागुआ (6961 मीटर) के शिखर पर पहुंचकर इतिहास रच दिया।