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लैवेंडर की खेती जम्मू-कश्मीर के विकास और समृद्धि के सफर में एक नया अध्याय : उमर
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- मुख्यमंत्री ने नूनार में लैवेंडर फेस्टिवल का उद्घाटन किया, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को कृषि विभाग कश्मीर की ओर से मॉडल फ्लोरीकल्चर सेंटर, नूनार, गांदरबल में आयोजित लैवेंडर फेस्टिवल का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में सीएम ने कहा, लैवेंडर की खेती ने जम्मू-कश्मीर के कृषि क्षेत्र में एक नया आयाम जोड़ा है।
उन्होंने जिले में औषधीय और सुगंधित पौधों के सेक्टर को मजबूत करने और किसानों की आजीविका को बेहतर बनाने के मकसद से कई कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी और उनका उद्घाटन किया। इस फेस्टिवल में कृषि उत्पादन और ग्रामीण विकास मंत्री जावेद अहमद डार, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, गांदरबल के डिप्टी कमिश्नर जतिन किशोर और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
इस मौके पर किसानों, उत्पादकों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लैवेंडर की फसल की आर्थिक स्थिरता पर जोर दिया और किसानों से इस फसल को कमर्शियल स्तर पर अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मौसम के बदलते पैटर्न के बीच इस जलवायु-अनुकूल और अधिक मूल्य वाली फसल को अपनाकर किसानों की आय सुरक्षित की जा सकती है। उन्होंने बताया कि लैवेंडर की खेती के कई फायदे हैं, जिनमें एसेंशियल ऑयल निकालकर वैल्यू एडिशन करना, पर्यटन की संभावना और रोजगार पैदा करना शामिल है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर के नए इलाकों में भी लैवेंडर की खेती का विस्तार किया जाएगा और लैवेंडर फेस्टिवल एक नियमित कार्यक्रम बन जाएगा। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने लैवेंडर की खेती, आवश्यक तेल निकालने, मूल्य-वर्धित उत्पादों और कृषि तथा फूलों की खेती के क्षेत्रों में अन्य नवाचारों को प्रदर्शित करने वाले स्टालों का निरीक्षण किया।
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लैवेंडर के खेत पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को करेंगे आकर्षित
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर लैवेंडर डेस्टिनेशन का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांदरबल के खूबसूरत लैवेंडर के खेत पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों, खासकर सोनमर्ग जाने वालों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी पहल से स्थानीय समुदायों के लिए आय के नए स्रोत बन सकते हैं और साथ ही ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने खेती में केमिकल फर्टिलाइजर और कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि संस्थानों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर टिकाऊ खेती के तरीकों को बढ़ावा देने और मिट्टी की सेहत को बनाए रखने के दीर्घकालिक फायदों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए काम कर रही है। होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत सरकार की कोशिशों का ज़िक्र करते हुए, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनीकरण, वैल्यू-एडिशन सुविधाओं और ज्यादा कीमत वाली फसलों को बढ़ावा देकर खेती के सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट'''' की आधारशिला रखी
इस मौके पर, मुख्यमंत्री ने एचएडीपी/नाबार्ड के तहत ₹538.23 लाख की लागत से बन रहे मॉडल फ्लोरीकल्चर सेंटर, नूनार में औषधीय और सुगंधित पौधों के लिए ''''पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट'''' की आधारशिला रखी।
इस प्रोजेक्ट में ऑफिस और स्टोरेज सुविधाओं के साथ एफपीओ पार्क का विकास, औषधीय और सुगंधित पौधों के उत्पादों की प्रोसेसिंग और ई-मार्केटिंग के लिए मशीनरी, कटाई के बाद प्रबंधन का इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन की सुविधाएं, डिस्टिलेशन यूनिट की स्थापना, क्वालिटी कंट्रोल लैब, शेड-नेट स्ट्रक्चर और अन्य सहायक सुविधाएँ शामिल हैं। इनका मकसद औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती और मार्केटिंग के लिए एक पूरा इकोसिस्टम बनाना है। मुख्यमंत्री ने नाबार्ड-फंडेड प्रोजेक्ट्स के तहत सेंटर में बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर का भी जायजा लिया। इसमें जर्मप्लाज्म सेंटर का विकास, खेती के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, सिंचाई की सुविधाएं, खेती का मशीनीकरण और एसेंशियल ऑयल डिस्टिलेशन यूनिट की स्थापना शामिल है।
लाभार्थियों को बांटे मंजूरी पत्र
इस मौके पर, मुख्यमंत्री ने खेती और उससे जुड़े सेक्टर की अलग-अलग योजनाओं के तहत लाभार्थियों को मंजूरी पत्र भी बांटे। लाभार्थियों को हाई-टेक पॉली हाउस, कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर, डेयरी यूनिट और नस्ल-आधारित फार्म स्थापित करने के लिए मदद मिली। इसके अलावा, खेती की उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका में सुधार के मकसद से सरकार समर्थित मशीनीकरण कार्यक्रमों के तहत ट्रैक्टर की चाबियां भी दी गईं।
सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित दुकानदारों को दिया भरोसा
गांदरबल में चल रहे सड़क चौड़ीकरण के कामों का ज़िक्र करते हुए, उमर अब्दुल्ला ने प्रभावित दुकानदारों की चिंताओं को समझा और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान निष्पक्ष और मानवीय तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी संबंधित लोगों से बातचीत करके पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने की दिशा में काम करेगी।
औषधीय और सुगंधित फसलों पर काम कर रहा विभाग : जावेद डार
कृषि, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री जावेद अहमद डार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लैवेंडर जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए एचएडीपी के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग इस क्षेत्र के किसान समुदाय के सामाजिक-आर्थिक बदलाव के लिए औषधीय और सुगंधित फसलों (लैवेंडर सहित) की खेती की संभावनाओं पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने भी सभा को संबोधित किया और बुनियादी ढांचे के विकास, तकनीकी हस्तक्षेप और किसान-केंद्रित पहलों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर सरकार के लगातार ध्यान पर प्रकाश डाला।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को कृषि विभाग कश्मीर की ओर से मॉडल फ्लोरीकल्चर सेंटर, नूनार, गांदरबल में आयोजित लैवेंडर फेस्टिवल का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में सीएम ने कहा, लैवेंडर की खेती ने जम्मू-कश्मीर के कृषि क्षेत्र में एक नया आयाम जोड़ा है।
उन्होंने जिले में औषधीय और सुगंधित पौधों के सेक्टर को मजबूत करने और किसानों की आजीविका को बेहतर बनाने के मकसद से कई कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी और उनका उद्घाटन किया। इस फेस्टिवल में कृषि उत्पादन और ग्रामीण विकास मंत्री जावेद अहमद डार, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, गांदरबल के डिप्टी कमिश्नर जतिन किशोर और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
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इस मौके पर किसानों, उत्पादकों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लैवेंडर की फसल की आर्थिक स्थिरता पर जोर दिया और किसानों से इस फसल को कमर्शियल स्तर पर अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मौसम के बदलते पैटर्न के बीच इस जलवायु-अनुकूल और अधिक मूल्य वाली फसल को अपनाकर किसानों की आय सुरक्षित की जा सकती है। उन्होंने बताया कि लैवेंडर की खेती के कई फायदे हैं, जिनमें एसेंशियल ऑयल निकालकर वैल्यू एडिशन करना, पर्यटन की संभावना और रोजगार पैदा करना शामिल है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर के नए इलाकों में भी लैवेंडर की खेती का विस्तार किया जाएगा और लैवेंडर फेस्टिवल एक नियमित कार्यक्रम बन जाएगा। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने लैवेंडर की खेती, आवश्यक तेल निकालने, मूल्य-वर्धित उत्पादों और कृषि तथा फूलों की खेती के क्षेत्रों में अन्य नवाचारों को प्रदर्शित करने वाले स्टालों का निरीक्षण किया।
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लैवेंडर के खेत पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को करेंगे आकर्षित
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर लैवेंडर डेस्टिनेशन का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांदरबल के खूबसूरत लैवेंडर के खेत पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों, खासकर सोनमर्ग जाने वालों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी पहल से स्थानीय समुदायों के लिए आय के नए स्रोत बन सकते हैं और साथ ही ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने खेती में केमिकल फर्टिलाइजर और कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि संस्थानों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर टिकाऊ खेती के तरीकों को बढ़ावा देने और मिट्टी की सेहत को बनाए रखने के दीर्घकालिक फायदों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए काम कर रही है। होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत सरकार की कोशिशों का ज़िक्र करते हुए, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनीकरण, वैल्यू-एडिशन सुविधाओं और ज्यादा कीमत वाली फसलों को बढ़ावा देकर खेती के सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट'''' की आधारशिला रखी
इस मौके पर, मुख्यमंत्री ने एचएडीपी/नाबार्ड के तहत ₹538.23 लाख की लागत से बन रहे मॉडल फ्लोरीकल्चर सेंटर, नूनार में औषधीय और सुगंधित पौधों के लिए ''''पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट'''' की आधारशिला रखी।
इस प्रोजेक्ट में ऑफिस और स्टोरेज सुविधाओं के साथ एफपीओ पार्क का विकास, औषधीय और सुगंधित पौधों के उत्पादों की प्रोसेसिंग और ई-मार्केटिंग के लिए मशीनरी, कटाई के बाद प्रबंधन का इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन की सुविधाएं, डिस्टिलेशन यूनिट की स्थापना, क्वालिटी कंट्रोल लैब, शेड-नेट स्ट्रक्चर और अन्य सहायक सुविधाएँ शामिल हैं। इनका मकसद औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती और मार्केटिंग के लिए एक पूरा इकोसिस्टम बनाना है। मुख्यमंत्री ने नाबार्ड-फंडेड प्रोजेक्ट्स के तहत सेंटर में बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर का भी जायजा लिया। इसमें जर्मप्लाज्म सेंटर का विकास, खेती के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, सिंचाई की सुविधाएं, खेती का मशीनीकरण और एसेंशियल ऑयल डिस्टिलेशन यूनिट की स्थापना शामिल है।
लाभार्थियों को बांटे मंजूरी पत्र
इस मौके पर, मुख्यमंत्री ने खेती और उससे जुड़े सेक्टर की अलग-अलग योजनाओं के तहत लाभार्थियों को मंजूरी पत्र भी बांटे। लाभार्थियों को हाई-टेक पॉली हाउस, कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर, डेयरी यूनिट और नस्ल-आधारित फार्म स्थापित करने के लिए मदद मिली। इसके अलावा, खेती की उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका में सुधार के मकसद से सरकार समर्थित मशीनीकरण कार्यक्रमों के तहत ट्रैक्टर की चाबियां भी दी गईं।
सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित दुकानदारों को दिया भरोसा
गांदरबल में चल रहे सड़क चौड़ीकरण के कामों का ज़िक्र करते हुए, उमर अब्दुल्ला ने प्रभावित दुकानदारों की चिंताओं को समझा और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान निष्पक्ष और मानवीय तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी संबंधित लोगों से बातचीत करके पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने की दिशा में काम करेगी।
औषधीय और सुगंधित फसलों पर काम कर रहा विभाग : जावेद डार
कृषि, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री जावेद अहमद डार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लैवेंडर जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए एचएडीपी के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग इस क्षेत्र के किसान समुदाय के सामाजिक-आर्थिक बदलाव के लिए औषधीय और सुगंधित फसलों (लैवेंडर सहित) की खेती की संभावनाओं पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने भी सभा को संबोधित किया और बुनियादी ढांचे के विकास, तकनीकी हस्तक्षेप और किसान-केंद्रित पहलों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर सरकार के लगातार ध्यान पर प्रकाश डाला।