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Srinagar News: बांदीपोरा में ओलावृष्टि से प्रभावित बागों के लिए एडवाइजरी जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बांदीपोरा। हाल ही में जिले के कुछ क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि के मद्देनजर बागवानी विभाग बांदीपोरा ने बागवानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने प्रभावित फलदार पेड़ों की सुरक्षा और शीघ्र रिकवरी के लिए फफूंदनाशक तथा पोषक तत्वों के छिड़काव की सलाह दी है।
एडवाइजरी के अनुसार, फफूंदनाशक दवा के छिड़काव के तीन दिन बाद पोषक तत्वों का स्प्रे किया जाना चाहिए। सेब के बागों में नई वृद्धि और पेड़ों की रिकवरी को बढ़ावा देने के लिए 0.2 प्रतिशत यूरिया घोल (100 लीटर पानी में 200 ग्राम यूरिया) के छिड़काव की सिफारिश की गई है।
विभाग ने बताया कि ऊतकों (टिश्यू) की मरम्मत और पेड़ों की बेहतर रिकवरी के लिए 8 से 12 दिन बाद सूक्ष्म पोषक तत्वों (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) का स्प्रे भी आवश्यक हो सकता है। बागवानों को गिरे हुए पत्तों, फलों और टहनियों को एकत्र कर हटाने, बागों में पानी जमा न होने देने तथा छिड़काव सुबह या शाम के ठंडे और शुष्क समय में करने की सलाह दी गई है।
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विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि ओलावृष्टि से 2 से 3 दिन पहले किसी प्रणालीगत फफूंदनाशक (सिस्टमिक फंगीसाइड) का छिड़काव किया गया हो तो अगला फफूंदनाशक स्प्रे 4 से 5 दिन बाद ही किया जाए। बागवानी विभाग ने बागवानों से एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है ताकि ओलावृष्टि से हुए नुकसान को कम किया जा सके और फलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन को सुरक्षित रखा जा सके।
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बांदीपोरा। हाल ही में जिले के कुछ क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि के मद्देनजर बागवानी विभाग बांदीपोरा ने बागवानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने प्रभावित फलदार पेड़ों की सुरक्षा और शीघ्र रिकवरी के लिए फफूंदनाशक तथा पोषक तत्वों के छिड़काव की सलाह दी है।
एडवाइजरी के अनुसार, फफूंदनाशक दवा के छिड़काव के तीन दिन बाद पोषक तत्वों का स्प्रे किया जाना चाहिए। सेब के बागों में नई वृद्धि और पेड़ों की रिकवरी को बढ़ावा देने के लिए 0.2 प्रतिशत यूरिया घोल (100 लीटर पानी में 200 ग्राम यूरिया) के छिड़काव की सिफारिश की गई है।
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विभाग ने बताया कि ऊतकों (टिश्यू) की मरम्मत और पेड़ों की बेहतर रिकवरी के लिए 8 से 12 दिन बाद सूक्ष्म पोषक तत्वों (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) का स्प्रे भी आवश्यक हो सकता है। बागवानों को गिरे हुए पत्तों, फलों और टहनियों को एकत्र कर हटाने, बागों में पानी जमा न होने देने तथा छिड़काव सुबह या शाम के ठंडे और शुष्क समय में करने की सलाह दी गई है।
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विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि ओलावृष्टि से 2 से 3 दिन पहले किसी प्रणालीगत फफूंदनाशक (सिस्टमिक फंगीसाइड) का छिड़काव किया गया हो तो अगला फफूंदनाशक स्प्रे 4 से 5 दिन बाद ही किया जाए। बागवानी विभाग ने बागवानों से एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है ताकि ओलावृष्टि से हुए नुकसान को कम किया जा सके और फलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन को सुरक्षित रखा जा सके।