ईरान में फंसे 1300 कश्मीरी छात्र: बच्चों की सुरक्षा और वापसी के लिए श्रीनगर में प्रदर्शन, परिजनों ने उठाई आवाज
ईरान-इस्राइल संघर्ष के बीच तेहरान में फंसे करीब 1300 कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा को लेकर श्रीनगर में परिजनों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने भारत सरकार से छात्रों की सुरक्षित और त्वरित वापसी की मांग की है।
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ईरान और इस्राइल में जारी सैन्य संघर्ष के बीच ईरान में फंसे लगभग 1300 कश्मीरी छात्रों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। इनमें से करीब एक हजार छात्र तेहरान में हैं, जो वर्तमान में संभावित हमलों का मुख्य निशाना बना हुआ है। रविवार को श्रीनगर के प्रेस कॉलोनी में छात्रों के परिजनों ने प्रदर्शन कर भारत सरकार से तत्काल निकासी अभियान शुरू करने की मांग की।
रविवार को लाल चौक स्थित प्रेस कॉलोनी में प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चे भारी मानसिक दबाव में हैं। हवाई हमलों के सायरन, पास की सैन्य गतिविधियों और झटकों के चलते छात्र लगातार डरे हुए हैं। उन्होंने सरकार पर निकासी में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने भारतीय विदेश मंत्रालय, जम्मू-कश्मीर प्रशासन से अपील की कि वे ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर छात्रों की सुरक्षित और समयबद्ध वापसी सुनिश्चित करें। उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि वे छात्रों की सुरक्षा और समय पर वापसी सुनिश्चित करने के लिए ईरानी सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने के प्रयास तेज करें।जेकेएसए तैयार की रही छात्रों की सूची
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने भी हालात पर चिंता जताई है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया कि उन्हें ईरान के विभिन्न हिस्सों से छात्रों के संकटपूर्ण संदेश और कॉल मिल रहे हैं।
एसोसिएशन विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में है और निकासी के लिए छात्रों की सूची तैयार की जा रही है। एसोसिएशन के अनुसार यदि स्थिति और बिगड़ती है तो केंद्र सरकार को तत्काल निकासी अभियान शुरू करना होगा। ईरान में फंसे छात्र और उनके परिवार गहरे डर और तनाव में हैं, और अब स्थिति त्वरित कार्रवाई की मांग कर रही है।