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केजीबीवी और मिडिल के शिक्षकों का वेतन रोका
राजोरी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Nov 2015 01:31 AM IST
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सरकारी स्कूलों में कार्य संस्कृति को दुरुस्त करने के साथ शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाने के मकसद से शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई विशेष मुहिम के तहत सीईओ ने कस्तूरबा गांधी बाल विद्यालय (केजीबीवी) की वार्डन व अन्य स्टाफ को गैरहाजिर पाने पर वेतन रोकने के निर्देश जारी हुए हैं।
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सीईओ राजोरी अल्ताफ हुसेन चौधरी ने विद्यालय में सोमवार शाम को करीब साढ़े चार बजे औचक दौरा किया तो उन्हें वहां न तो वार्डन मिला और न अन्य स्टाफ।
विद्यालय में शाम के समय मात्र कुक, सफाईकर्मी व चौकीदार ही उपस्थित मिले। छात्राओं से पर विषय से संबंधित सवाल पूछने पर वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। सीईओ ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए वार्डन सहित अन्य पूरे स्टाफ के वेतन रोकने के निर्देश जारी कर और दो दिनों में जवाब मांगा।
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सरकारी मिडिल स्कूल डुंगी गाई में औचक दौरे के दौरान कक्षाओं में बच्चों से विषय के प्रश्न पूछे जाने पर कोई विद्यार्थी सही जवाब ही नहीं दे पाया। कक्षा आठ के विद्यार्थी गणित विषय के सरल से सरल प्रश्न भी हल नहीं कर पाए। इतना ही नहीं स्कूल में 37 में से केवल 21 विद्यार्थी ही मौजूद पाए गए।
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सीईओ ने स्कूल के सभी शिक्षकों के वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही सीईओ ने स्कूल प्रबंधक को एक महीने में कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि बच्चों को संतोषजनक पढ़ाई नहीं करवाई गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।