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Kathua News: वार्ड 12 में शामिल करने का किया विरोध
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कठुआ। वार्ड नंबर 13 के 35 घरों को वार्ड नंबर 12 में शामिल करने के प्रस्ताव का वार्ड 13 लोगों ने विरोध किया है। बुधवार को स्थानीय लोगों ने डीसी राकेश मिन्हास से मिलकर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। उपायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया कि लोगों की आपत्तियों का अध्ययन करने के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
डीसी से मिलने पहुंचे स्थानीय लोगों का नेतृत्व कर रहे रमेश कुंडल ने बताया कि पहले वर्ष 2003 में भी उनके वार्ड को वार्ड नंबर तीन से बदलकर वार्ड नंबर 13 किया गया था, जिससे लोगों को कई प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने अपने बर्थ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्कूल सर्टिफिकेट, स्टेट सब्जेक्ट, बैंक कागजात में बदलाव कराए थे। अब प्रशासन फिर से उनके कुछ परिवारों को वार्ड नंबर 12 में शामिल करने की योजना बना रहा है, जिसका हम सब लोग विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 12 और 13 के बीच में 30-40 फुट चौड़ा नाला है। इससे दोनों वार्डों का समन्वय संभव नहीं है। लोगों ने सुझाव दिया कि अगर हदबंदी करनी ही है तो वार्ड नंबर आठ और 12 को मिलाया जाए क्योंकि उनकी आबादी समान है और वे आपस में जुड़े हुए हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं और उनकी राय को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 13 की आबादी लगभग 900 है और डीलिमिटेशन के लिए न्यूनतम आबादी 1000 या उससे अधिक होनी चाहिए, इसलिए यह प्रस्ताव अव्यवहारिक है। लिहाजा प्रशासन को उनकी मांग पर गौर करना चाहिए। इस मौके पर नरेंद्र पाल सिंह, शिवराम, तरसेम लाल, देवराज, करतार चंद, देस राज, अनुराधा कुमारी, विमला देवी और सोमा देवी आदि उपस्थित रहीं।
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डीसी से मिलने पहुंचे स्थानीय लोगों का नेतृत्व कर रहे रमेश कुंडल ने बताया कि पहले वर्ष 2003 में भी उनके वार्ड को वार्ड नंबर तीन से बदलकर वार्ड नंबर 13 किया गया था, जिससे लोगों को कई प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने अपने बर्थ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्कूल सर्टिफिकेट, स्टेट सब्जेक्ट, बैंक कागजात में बदलाव कराए थे। अब प्रशासन फिर से उनके कुछ परिवारों को वार्ड नंबर 12 में शामिल करने की योजना बना रहा है, जिसका हम सब लोग विरोध करते हैं।
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उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 12 और 13 के बीच में 30-40 फुट चौड़ा नाला है। इससे दोनों वार्डों का समन्वय संभव नहीं है। लोगों ने सुझाव दिया कि अगर हदबंदी करनी ही है तो वार्ड नंबर आठ और 12 को मिलाया जाए क्योंकि उनकी आबादी समान है और वे आपस में जुड़े हुए हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं और उनकी राय को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 13 की आबादी लगभग 900 है और डीलिमिटेशन के लिए न्यूनतम आबादी 1000 या उससे अधिक होनी चाहिए, इसलिए यह प्रस्ताव अव्यवहारिक है। लिहाजा प्रशासन को उनकी मांग पर गौर करना चाहिए। इस मौके पर नरेंद्र पाल सिंह, शिवराम, तरसेम लाल, देवराज, करतार चंद, देस राज, अनुराधा कुमारी, विमला देवी और सोमा देवी आदि उपस्थित रहीं।