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Kathua News: स्वीप चैट पर दर्ज होगी कक्षा एक से 12वीं तक के छात्रों की हाजिरी
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- सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में रोज सुबह 10 से 10:30 बजे तक अटेंडेंस जरूरी
- रियल-टाइम डैशबोर्ड से जिला व संभाग स्तर के अधिकारी करेंगे निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक के छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए स्वीप चैट आधारित डिजिटल अटेंडेंस की प्रक्रिया शुरू की है। अब कागजी हाजिरी के बजाय छात्रों की उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी। व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों में छात्रों की वास्तविक उपस्थिति की जानकारी जुटाने के साथ ड्रॉपआउट और गैरहाजिरी की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से स्वीप चैट के माध्यम से रोजाना कक्षावार छात्रों की उपस्थिति दर्ज करनी होगी। स्कूल खुलने के निर्धारित समय सुबह 10 से 10:30 बजे के बीच अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे शिक्षा विभाग को अलग-अलग स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
जिला और संभाग स्तर के प्रशासनिक अधिकारी अटेंडेंस डैशबोर्ड के माध्यम से स्कूलों की निगरानी कर सकेंगे। लगातार बिना कारण अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के संबंध में विभागीय अधिकारी अभिभावकों से संवाद कर स्थिति की जानकारी जुटाएंगे।
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फर्जी उपस्थिति पर लगेगी रोक
शिक्षा विभाग के सीईओ सुभाष गुप्ता ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से फर्जी या कागजी उपस्थिति दर्ज करने की गुंजाइश कम होगी। इससे मिड-डे मील और छात्रवृत्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में भी वास्तविक छात्र संख्या का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। स्कूल प्राचार्यों को शिक्षकों का पंजीकरण और आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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- रियल-टाइम डैशबोर्ड से जिला व संभाग स्तर के अधिकारी करेंगे निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक के छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए स्वीप चैट आधारित डिजिटल अटेंडेंस की प्रक्रिया शुरू की है। अब कागजी हाजिरी के बजाय छात्रों की उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी। व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों में छात्रों की वास्तविक उपस्थिति की जानकारी जुटाने के साथ ड्रॉपआउट और गैरहाजिरी की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से स्वीप चैट के माध्यम से रोजाना कक्षावार छात्रों की उपस्थिति दर्ज करनी होगी। स्कूल खुलने के निर्धारित समय सुबह 10 से 10:30 बजे के बीच अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे शिक्षा विभाग को अलग-अलग स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
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जिला और संभाग स्तर के प्रशासनिक अधिकारी अटेंडेंस डैशबोर्ड के माध्यम से स्कूलों की निगरानी कर सकेंगे। लगातार बिना कारण अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के संबंध में विभागीय अधिकारी अभिभावकों से संवाद कर स्थिति की जानकारी जुटाएंगे।
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फर्जी उपस्थिति पर लगेगी रोक
शिक्षा विभाग के सीईओ सुभाष गुप्ता ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से फर्जी या कागजी उपस्थिति दर्ज करने की गुंजाइश कम होगी। इससे मिड-डे मील और छात्रवृत्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में भी वास्तविक छात्र संख्या का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। स्कूल प्राचार्यों को शिक्षकों का पंजीकरण और आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।