{"_id":"6aaee54cac10c242160be980","slug":"trala-news-kathua-news-c-201-1-knt1011-136581-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: फ्लाईओवर के नीचे फंसा ट्रेलर, घंटों मशक्कत के बाद भी नहीं निकल सका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: फ्लाईओवर के नीचे फंसा ट्रेलर, घंटों मशक्कत के बाद भी नहीं निकल सका
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। चढ़वाल में एक्सप्रेसवे फ्लाईओवर के नीचे से गुजरना भारी वाहनों के लिए लगातार परेशानी का सबब बनता जा रहा है। शनिवार को भी दोपहर करीब एक बजे राजस्थान नंबर का एक ट्रेलर फ्लाईओवर के नीचे ऊंचाई के कारण फंस गया।
ट्रेलर के ऊपर मशीन लगी होने के चलते वाहन फ्लाईओवर के हिस्से से टकराकर वहीं अटक गया। देर शाम तक उसे निकालने के प्रयास जारी रहे, लेकिन करीब सात-आठ घंटे की मशक्कत के बाद भी सफलता नहीं मिल सकी। बताया जा रहा है कि ट्रेलर चालक ने वाहन का एक्सल टूटने की बात कही। हालांकि मौके की स्थिति में वाहन के फ्लाईओवर के नीचे ऊंचाई में फंसने की बात सामने आ रही थी।
ट्रेलर के ऊपर लगी मशीन की ऊंचाई सामान्य वाहनों की तुलना में कुछ अधिक थी, जबकि फ्लाईओवर की ऊंचाई भी भारी वाहनों के आवागमन के लिहाज से पर्याप्त नहीं होने के कारण दोनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। ट्रेलर के सड़क के बीच फंस जाने से यातायात भी प्रभावित हुआ। एक ओर से ही वाहनों की आवाजाही हो सकी, जबकि दूसरी ओर ट्रेलर खड़ा रहने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक्सप्रेसवे निर्माण के चलते चढ़वाल में पहले से ही यातायात व्यवस्था प्रभावित है, ऐसे में भारी वाहन के फंसने से स्थिति और अधिक बिगड़ गई। स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ा सवाल फ्लाईओवर की ऊंचाई को लेकर उठ रहा है।
विज्ञापन
यदि भारी वाहनों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर की ऊंचाई और निर्धारित मानकों का पहले से आकलन किया गया होता, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था। लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर के नीचे ऊंचे वाहनों के फंसने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में फ्लाईओवर के नीचे किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
हीरानगर। चढ़वाल में एक्सप्रेसवे फ्लाईओवर के नीचे से गुजरना भारी वाहनों के लिए लगातार परेशानी का सबब बनता जा रहा है। शनिवार को भी दोपहर करीब एक बजे राजस्थान नंबर का एक ट्रेलर फ्लाईओवर के नीचे ऊंचाई के कारण फंस गया।
ट्रेलर के ऊपर मशीन लगी होने के चलते वाहन फ्लाईओवर के हिस्से से टकराकर वहीं अटक गया। देर शाम तक उसे निकालने के प्रयास जारी रहे, लेकिन करीब सात-आठ घंटे की मशक्कत के बाद भी सफलता नहीं मिल सकी। बताया जा रहा है कि ट्रेलर चालक ने वाहन का एक्सल टूटने की बात कही। हालांकि मौके की स्थिति में वाहन के फ्लाईओवर के नीचे ऊंचाई में फंसने की बात सामने आ रही थी।
विज्ञापन
ट्रेलर के ऊपर लगी मशीन की ऊंचाई सामान्य वाहनों की तुलना में कुछ अधिक थी, जबकि फ्लाईओवर की ऊंचाई भी भारी वाहनों के आवागमन के लिहाज से पर्याप्त नहीं होने के कारण दोनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। ट्रेलर के सड़क के बीच फंस जाने से यातायात भी प्रभावित हुआ। एक ओर से ही वाहनों की आवाजाही हो सकी, जबकि दूसरी ओर ट्रेलर खड़ा रहने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक्सप्रेसवे निर्माण के चलते चढ़वाल में पहले से ही यातायात व्यवस्था प्रभावित है, ऐसे में भारी वाहन के फंसने से स्थिति और अधिक बिगड़ गई। स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ा सवाल फ्लाईओवर की ऊंचाई को लेकर उठ रहा है।
विज्ञापन
यदि भारी वाहनों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर की ऊंचाई और निर्धारित मानकों का पहले से आकलन किया गया होता, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था। लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर के नीचे ऊंचे वाहनों के फंसने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में फ्लाईओवर के नीचे किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।