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Kathua News: कठुआ के प्राचीन धार्मिक स्थलों को मिलेगा हेरिटेज लुक
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कठुआ। शहर और आसपास के प्राचीन धार्मिक स्थलों को अब उनकी ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप हेरिटेज लुक देने की कवायद शुरू हो गई है। शहर के बीचोंबीच स्थित आशापूर्णी मंदिर, रघुनाथ मंदिर सहित नगरी क्षेत्र के ऐरवां मंदिर और बाला सुंदरी मंदिर को विकसित एवं संरक्षित करने की दिशा में विधायक डॉ. भारत भूषण ने पहल तेज कर दी है।
बुधवार को विधायक डॉ. भूषण ने इन धार्मिक स्थलों का दौरा कर उनकी प्रबंधक कमेटियों से मुलाकात कर मौजूदा स्थिति, आवश्यक सुविधाओं और संरक्षण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की है। विधायक की ओर से इन सभी धार्मिक स्थलों के विकास और संरक्षण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। योजना के तहत धार्मिक स्थलों की प्राचीन वास्तुकला और ऐतिहासिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने हाल ही में जम्मू-कश्मीर अभिलेखागार, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक केके सिद्धा से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कठुआ के प्राचीन धार्मिक स्थलों के संरक्षण, विकास और उनके ऐतिहासिक महत्व को बनाए रखने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कठुआ में कई ऐसे प्राचीन धार्मिक स्थल हैं, जिनकी अपनी अलग ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान है। इन स्थलों को व्यवस्थित तरीके से विकसित कर न केवल श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकती हैं, बल्कि इनके पुराने स्वरूप और विरासत को भी संरक्षित किया जा सकता है।
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आशापूर्णी मंदिर के आसपास की दुकानों को भी मिलेगा नया स्वरूप
विधायक ने कहा कि शहर के बीचोंबीच स्थित प्राचीन आशापूर्णी मंदिर को हेरिटेज लुक देने की योजना में मंदिर के आसपास का क्षेत्र भी शामिल किया जा रहा है। मंदिर के आसपास स्थित दुकानों और अन्य हिस्सों को भी योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर पूरे क्षेत्र को एक समान ऐतिहासिक स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित धार्मिक प्रबंधक कमेटियों से लगातार विचार-विमर्श किया जा रहा है ताकि विकास कार्यों में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ-साथ मंदिरों की ऐतिहासिक पहचान का भी ध्यान रखा जा सके।
केंद्र और प्रदेश सरकार से फंड मिलने की उम्मीद
डॉ. भारत भूषण ने कहा कि केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से भी प्राचीन धरोहरों और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत फंड उपलब्ध करवाया जाता है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि इन धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर डीपीआर तैयार करने और उसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि इन स्थलों का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इनके संरक्षण, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक पहचान को केंद्र में रखकर कार्य किया जाएगा।
सभी क आधार कार्ड
1. गणेशी देवी को खड़े करके फोटो
2. किचन की फोटो
3. बैडरूम में खड़े करके फोटो
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बुधवार को विधायक डॉ. भूषण ने इन धार्मिक स्थलों का दौरा कर उनकी प्रबंधक कमेटियों से मुलाकात कर मौजूदा स्थिति, आवश्यक सुविधाओं और संरक्षण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की है। विधायक की ओर से इन सभी धार्मिक स्थलों के विकास और संरक्षण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। योजना के तहत धार्मिक स्थलों की प्राचीन वास्तुकला और ऐतिहासिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने हाल ही में जम्मू-कश्मीर अभिलेखागार, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक केके सिद्धा से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कठुआ के प्राचीन धार्मिक स्थलों के संरक्षण, विकास और उनके ऐतिहासिक महत्व को बनाए रखने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कठुआ में कई ऐसे प्राचीन धार्मिक स्थल हैं, जिनकी अपनी अलग ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान है। इन स्थलों को व्यवस्थित तरीके से विकसित कर न केवल श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकती हैं, बल्कि इनके पुराने स्वरूप और विरासत को भी संरक्षित किया जा सकता है।
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आशापूर्णी मंदिर के आसपास की दुकानों को भी मिलेगा नया स्वरूप
विधायक ने कहा कि शहर के बीचोंबीच स्थित प्राचीन आशापूर्णी मंदिर को हेरिटेज लुक देने की योजना में मंदिर के आसपास का क्षेत्र भी शामिल किया जा रहा है। मंदिर के आसपास स्थित दुकानों और अन्य हिस्सों को भी योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर पूरे क्षेत्र को एक समान ऐतिहासिक स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित धार्मिक प्रबंधक कमेटियों से लगातार विचार-विमर्श किया जा रहा है ताकि विकास कार्यों में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ-साथ मंदिरों की ऐतिहासिक पहचान का भी ध्यान रखा जा सके।
केंद्र और प्रदेश सरकार से फंड मिलने की उम्मीद
डॉ. भारत भूषण ने कहा कि केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से भी प्राचीन धरोहरों और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत फंड उपलब्ध करवाया जाता है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि इन धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर डीपीआर तैयार करने और उसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि इन स्थलों का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इनके संरक्षण, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक पहचान को केंद्र में रखकर कार्य किया जाएगा।
सभी क आधार कार्ड
1. गणेशी देवी को खड़े करके फोटो
2. किचन की फोटो
3. बैडरूम में खड़े करके फोटो