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Kathua News: एनएचएम कर्मियों ने फिर बढ़ाई 72 घंटे की हड़ताल, सीएमओ कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
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कठुआ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को एक बार फिर 72 घंटे के लिए आगे बढ़ा दिया है। बुधवार को जिले के अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन करने के बाद एनएचएम कर्मी एकत्रित होकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के बाहर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए कहा कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अभी तक स्थायी सेवा सुरक्षा और अन्य कर्मचारियों के समान वेतन एवं सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं।
प्रदर्शन में शामिल एनएचएम कर्मियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन, नियमितीकरण तथा बेहतर पेंशन व्यवस्था सहित अपनी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया। कर्मचारियों का कहना था कि वे स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं में लंबे समय से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनकी सेवा शर्तों में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले जिले के अलग-अलग जगह पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे और अब उन्होंने तय किया है कि सभी प्रदर्शनकारी एक जगह एकत्रित हो कर धरना प्रदर्शन करेंगे। इसी कड़ी में बुधवार को जिला चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। कर्मियों ने कहा कि अलग-अलग समय पर सत्ता में आई सरकारों की ओर से उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिए जाते रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें ठोस समाधान नहीं मिला। इसी कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
प्रदर्शन में शामिल डॉ. सचिन ने बताया कि एनएचएम कर्मियों का आंदोलन गत 6 सितंबर से लगातार जारी है। हर 72 घंटे की अवधि पूरी होने के बाद कर्मचारी हड़ताल को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी सभी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मी स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों की तरह ही अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में लंबे समय से उनकी प्रमुख मांग ‘समान कार्य, समान वेतन’ की है। कर्मचारियों का कहना है कि काम और जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद वेतन तथा सेवा सुविधाओं में अंतर उनके लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
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नियमितीकरण की मांग भी प्रमुख
एनएचएम कर्मियों ने नियमितीकरण को भी अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है। उनका कहना है कि कई कर्मचारी वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी नौकरी की स्थिति स्थायी नहीं हो सकी है। कर्मचारियों के अनुसार लगातार सेवा देने के बावजूद भविष्य की नौकरी और सामाजिक सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। कर्मियों ने बेहतर पेंशन व्यवस्था की मांग उठाते हुए कहा कि लंबे समय तक स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के भविष्य को भी सुरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि उनकी समस्याओं को केवल आश्वासनों तक सीमित न रखा जाए बल्कि बातचीत कर ठोस समाधान निकाला जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करना नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित अपनी मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना है। कर्मचारियों ने दोहराया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
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प्रदर्शन में शामिल एनएचएम कर्मियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन, नियमितीकरण तथा बेहतर पेंशन व्यवस्था सहित अपनी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया। कर्मचारियों का कहना था कि वे स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं में लंबे समय से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनकी सेवा शर्तों में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले जिले के अलग-अलग जगह पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे और अब उन्होंने तय किया है कि सभी प्रदर्शनकारी एक जगह एकत्रित हो कर धरना प्रदर्शन करेंगे। इसी कड़ी में बुधवार को जिला चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। कर्मियों ने कहा कि अलग-अलग समय पर सत्ता में आई सरकारों की ओर से उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिए जाते रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें ठोस समाधान नहीं मिला। इसी कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
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प्रदर्शन में शामिल डॉ. सचिन ने बताया कि एनएचएम कर्मियों का आंदोलन गत 6 सितंबर से लगातार जारी है। हर 72 घंटे की अवधि पूरी होने के बाद कर्मचारी हड़ताल को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी सभी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मी स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों की तरह ही अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में लंबे समय से उनकी प्रमुख मांग ‘समान कार्य, समान वेतन’ की है। कर्मचारियों का कहना है कि काम और जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद वेतन तथा सेवा सुविधाओं में अंतर उनके लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
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नियमितीकरण की मांग भी प्रमुख
एनएचएम कर्मियों ने नियमितीकरण को भी अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है। उनका कहना है कि कई कर्मचारी वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी नौकरी की स्थिति स्थायी नहीं हो सकी है। कर्मचारियों के अनुसार लगातार सेवा देने के बावजूद भविष्य की नौकरी और सामाजिक सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। कर्मियों ने बेहतर पेंशन व्यवस्था की मांग उठाते हुए कहा कि लंबे समय तक स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के भविष्य को भी सुरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि उनकी समस्याओं को केवल आश्वासनों तक सीमित न रखा जाए बल्कि बातचीत कर ठोस समाधान निकाला जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करना नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित अपनी मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना है। कर्मचारियों ने दोहराया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।