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Kathua News: हीरानगर में बलिदानी दीप कुमार को किया याद
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हीरानगर। कस्बे में स्थित शहीद दीप चौक में बुधवार को शहीदी दिवस का आयोजन कर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीद दीप कुमार को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की 47वीं बटालियन के अधिकारियों एवं जवानों के साथ-साथ कस्बे के गणमान्य लोगों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभी ने शहीद दीप कुमार की प्रतिमा पर पुष्पमालाएं अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान शहीद दीप कुमार के अदम्य साहस और देशभक्ति को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवान हमेशा देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगे। शहीदों के बलिदान के कारण ही देशवासी सुरक्षित वातावरण में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि शहीद दीप कुमार की वीरता और त्याग को हीरानगर की जनता हमेशा याद रखेगी। बताया गया कि शहीद दीप कुमार वर्ष 1995 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल में भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वर्ष 2000 में उन्हें कश्मीर के अनंतनाग क्षेत्र में तैनात किया गया। तैनाती के कुछ ही समय बाद उनका आतंकवादियों से सामना हो गया। मुठभेड़ के दौरान दीप कुमार ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आतंकवादियों का डटकर मुकाबला किया। इस दौरान उनके पेट में दो गोलियां लगीं, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और आतंकवादियों से मुकाबला जारी रखा। उन्होंने वीरता का परिचय देते हुए आतंकवादियों को ढेर कर दिया और अंततः देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
इस मौके पर शहीद दीप कुमार की पत्नी मधुबाला भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनके परिवार के लिए यह गर्व की बात है कि उनके पति ने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए शहीद की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन इस बात का गर्व है कि उन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। कार्यक्रम में महंत अंजू मदान, लखविंदर सिंह लकी, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की 47वीं वाहिनी के अधिकारी एवं जवानों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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सभी ने शहीद दीप कुमार की प्रतिमा पर पुष्पमालाएं अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान शहीद दीप कुमार के अदम्य साहस और देशभक्ति को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवान हमेशा देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगे। शहीदों के बलिदान के कारण ही देशवासी सुरक्षित वातावरण में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि शहीद दीप कुमार की वीरता और त्याग को हीरानगर की जनता हमेशा याद रखेगी। बताया गया कि शहीद दीप कुमार वर्ष 1995 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल में भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वर्ष 2000 में उन्हें कश्मीर के अनंतनाग क्षेत्र में तैनात किया गया। तैनाती के कुछ ही समय बाद उनका आतंकवादियों से सामना हो गया। मुठभेड़ के दौरान दीप कुमार ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आतंकवादियों का डटकर मुकाबला किया। इस दौरान उनके पेट में दो गोलियां लगीं, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और आतंकवादियों से मुकाबला जारी रखा। उन्होंने वीरता का परिचय देते हुए आतंकवादियों को ढेर कर दिया और अंततः देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
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इस मौके पर शहीद दीप कुमार की पत्नी मधुबाला भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनके परिवार के लिए यह गर्व की बात है कि उनके पति ने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए शहीद की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन इस बात का गर्व है कि उन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। कार्यक्रम में महंत अंजू मदान, लखविंदर सिंह लकी, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की 47वीं वाहिनी के अधिकारी एवं जवानों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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