{"_id":"6aaae07997f23605b705dac2","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1008-136434-2026-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: टारडा में नाग देवता के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, लिया आशीर्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: टारडा में नाग देवता के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, लिया आशीर्वाद
विज्ञापन
कठुआ। नाग पंचमी के दूसरे दिन भी जिले में विभिन्न नागदेवता के स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस दौरान लोगों ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं, लखनपुर क्षेत्र के गांव टारडा स्थित बाबा सुरगल देवस्थान पर विशाल मेले का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर दरबार में हाजिरी लगा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही परिवार सहित प्रदेश में सुख समृद्धि की कामना की। मेले के चलते देवस्थान पर सुबह से ही भक्तों की कतारें लगी रहीं। दोपहर बाद मंदिर परिसर में भंडारे का भी आयोजन किया गया। इसमें आसपास के गांव के अलावा लखनपुर और कठुआ से आए हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। उधर, देवस्थान परिसर में आयोजित मेले के चलते दिनभर रौनक बनी रही।
आयोजकों ने बताया कि 500 सालों से चली आ रही यह धार्मिक परंपरा आज भी चल रही है। उनकी तीसरी पीढ़ी बाबा जी के आशीर्वाद से पवित्र गद्दी पर अपनी सेवा दे रही है। आज तक लाखों लोग इस पवित्र स्थान पर बाबा की कृपा से अपने कष्टों से मुक्ति पा चुके है। उन्होंने बताया कि पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर के अलावा दूर-दूर से इस स्थान की महिमा सुन कर लोग अपने समस्याओं का निवारण की कामना लेकर आते हैं। भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पांचवीं तिथि को बहुत बड़ा मेला लगता है। जम्मू-कश्मीर के लोग ऋषि पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाते हैं। इसके बाद दंगल का आयोजन किया जाता है।
विज्ञापन
आयोजकों ने बताया कि 500 सालों से चली आ रही यह धार्मिक परंपरा आज भी चल रही है। उनकी तीसरी पीढ़ी बाबा जी के आशीर्वाद से पवित्र गद्दी पर अपनी सेवा दे रही है। आज तक लाखों लोग इस पवित्र स्थान पर बाबा की कृपा से अपने कष्टों से मुक्ति पा चुके है। उन्होंने बताया कि पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर के अलावा दूर-दूर से इस स्थान की महिमा सुन कर लोग अपने समस्याओं का निवारण की कामना लेकर आते हैं। भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पांचवीं तिथि को बहुत बड़ा मेला लगता है। जम्मू-कश्मीर के लोग ऋषि पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाते हैं। इसके बाद दंगल का आयोजन किया जाता है।
विज्ञापन