{"_id":"6578bb59fe5ea6ea800b8b9a","slug":"caltural-news-kathua-news-c-201-1-knt1006-5230-2023-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: भगवान के बाल रूप की झांकी के दर्शन पाकर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: भगवान के बाल रूप की झांकी के दर्शन पाकर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
विज्ञापन
कठुआ। शहर से सटे गांव गोविंदसर में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह जारी है। मंगलवार को कथा के पांचवें दिन पंडाल में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी के दर्शन कर उनका आशीष प्राप्त किया। इस दौरान भगवान के आगमन पर कथा व्यास रोशन लाल शास्त्री द्वारा प्रस्तुत भजनों पर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु झूमते रहे।
कथा के दौरान जैसे ही बाल कृष्ण की भव्य झांकी ने पंडाल में प्रवेश किया तो पूरा पंडाल बाल गोपाल का जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान लोगों ने अपने स्थान पर खड़े होकर भगवान की झांकी का स्वागत किया। कथाव्यास द्वारा भगवान के जन्म पर बधाई का गीत गाकर श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया। इस दौरान भगवान की झांकी का दर्शन पाने के लिए भक्त आतुर दिखे। पंडाल में उत्सव का वातावरण देखने को मिला।
कथाव्यास रोशन लाल शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भगवान के जन्म का उद्देश्य बताते हुए कहा कि संसार में पाप का नाश करने के लिए भगवान समय-समय पर धरती पर अवतार लेते हैं। द्वापर में भी कौरवों सहित कई अन्य पापियों का नाश करने के लिए भगवान कृष्ण अवतार लेकर धरती पर धर्म की स्थापना की थी। उन्होंने गीता के माध्यम से मनुष्य को हर हाल में उसके कर्तव्य का निर्वाह करने का पाठ पढ़ाया। गीता का संदेश आज भी पूरे विश्व में मनुष्य को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म हमारे जीवन का आधार है। गीता का उपदेश मानव को धर्म के रास्ते पर चलना बताता है। ऐसे में हमें भी गीता से मिले ज्ञान के आधार पर अपने धर्म की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कथा के दौरान जैसे ही बाल कृष्ण की भव्य झांकी ने पंडाल में प्रवेश किया तो पूरा पंडाल बाल गोपाल का जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान लोगों ने अपने स्थान पर खड़े होकर भगवान की झांकी का स्वागत किया। कथाव्यास द्वारा भगवान के जन्म पर बधाई का गीत गाकर श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया। इस दौरान भगवान की झांकी का दर्शन पाने के लिए भक्त आतुर दिखे। पंडाल में उत्सव का वातावरण देखने को मिला।
विज्ञापन
कथाव्यास रोशन लाल शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भगवान के जन्म का उद्देश्य बताते हुए कहा कि संसार में पाप का नाश करने के लिए भगवान समय-समय पर धरती पर अवतार लेते हैं। द्वापर में भी कौरवों सहित कई अन्य पापियों का नाश करने के लिए भगवान कृष्ण अवतार लेकर धरती पर धर्म की स्थापना की थी। उन्होंने गीता के माध्यम से मनुष्य को हर हाल में उसके कर्तव्य का निर्वाह करने का पाठ पढ़ाया। गीता का संदेश आज भी पूरे विश्व में मनुष्य को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म हमारे जीवन का आधार है। गीता का उपदेश मानव को धर्म के रास्ते पर चलना बताता है। ऐसे में हमें भी गीता से मिले ज्ञान के आधार पर अपने धर्म की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहना चाहिए।
विज्ञापन