Jammu: पहलगाम आतंकी हमले से टूटे पर्यटन कारोबार को नीति आयोग की संजीवनी, गवर्निंग काउंसिल में हुआ समाधान
पहलगाम आतंकी हमले से प्रभावित जम्मू-कश्मीर के पर्यटन कारोबार को पुनर्जनन के लिए नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में नई पर्यटन नीति और केंद्र के समर्थन का भरोसा मिला। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पर्यटन, उद्योग और सुरक्षा के लिए केंद्र से सहयोग मांगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पटरी से उतरा पर्यटन कारोबार फिर से रफ्तार पकड़ेगा। नीति आयोग की दसवीं गवर्निंग काउंसिल से जम्मू-कश्मीर की उम्मीदों को फिर पंख मिल गए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पर्यटन और कारोबार की चिंता के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के लिए नई पर्यटन नीति देने का फैसला किया है। इसमें एक राज्य, एक विश्वस्तरीय पर्यटक स्थल की थीम तैयार की गई है। इसका सबसे बड़ा फायदा जम्मू-कश्मीर को होने की संभावना है। अब प्रदेश सरकार पर्यटन विकास का प्रारूप तैयार कर केंद्र को भेजेगी और केंद्र सरकार तय नीति के तहत इसमें बजट का प्रावधान करेगी।
जम्मू-कश्मीर में बीते 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने हमला कर पर्यटकों को निशाना बनाया था। इसके बाद से श्रीनगर जाने वाले पर्यटकों की तादाद तेजी से कम हुई है। श्रीनगर में होटलों की बुकिंग रद्द हुई हैं। घोड़े की सवारी से लेकर हवाई यात्रा तक प्रभावित हैं। पर्यटन कारोबार में मंदी का असर यहां उद्योग पर भी नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रदेश के सामांतर विकास के लिए केंद्र की मदद की आवश्यकता की बात कही है। मुख्यमंत्री की इस बात का जवाब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गवर्निंग काउंसिल में सभी राज्यों और केंद्र को मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करने की नसीहत दी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से अधिक से अधिक समर्थन की वकालत की है।
पर्यटन, उद्योग और सुरक्षित माहौल की चिंता
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कई अहम बातें कही हैं। उन्होंने पर्यटन, उद्योग और लोगों को सुरक्षित माहौल देने का पक्ष केंद्र सरकार के समक्ष रखा है। पहलगाम हमले के बाद प्रदेश के सामने आई चुनौतियों को उन्होंने गवर्निंग काउंसिल के सामने उठाया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि प्रदेश में सामांतर विकास होना चाहिए और इसके लिए केंद्र की मदद की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेश के लिए केंद्र के अधिक से अधिक समर्थन की भी वकालत की है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र के सामने इन्हीं चुनौतियों को दूर करने को प्राथमिकता देने की बात कही है। अब प्रदेश सरकार को इसे दोबारा गति देने के लिए योजना तैयार कर केंद्र को भेजनी होंगी और केंद्र सरकार इस योजना को सिरे चढ़ाने का काम करेगी।
प्रधानमंत्री की चार बड़ी बातें, जिन्होंने जगाई उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में चार बड़ी बातें जम्मू-कश्मीर के लिहाज से अहम हैं। ये चार बड़ी बाते हैं।
1-कम से कम एक स्थल को विश्वस्तरीय पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करना।
2- केंद्र और राज्य सरकारें टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करें।
3- विकास की रफ्तार को बढ़ाने के लिए राज्य हरसंभव प्रयास करेंगे।
4 विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में जी जान से जुट जाएं।