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Una News: मोदी की अपील से सराफा बाजार में पसरा सन्नाटा, प्रदेश के सभी स्वर्णकारों की शिमला में होगी बैठक
Thu, 14 May 2026 12:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 14 May 2026 12:08 AM IST
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ऊना/अंब/दौलतपुर चौक/बडूही (ऊना)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से तेल की बचत करने और एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील के बाद बाजारों में अचानक आर्थिक हलचल तेज हो गई है। वहीं प्रदेश के सभी स्वर्णकारों की शिमला में बैठक होने जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की संभावित बढ़ती कीमतें और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव के बीच आए इस बयान को लोग आने वाले कठिन आर्थिक दौर के संकेत के रूप में देख रहे हैं। जिला के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ सोने के लगातार बढ़ते दाम और बाजार में गिरती खरीदारी को लेकर चर्चाओं का माहौल गर्म है। आम लोगों में यह आशंका गहराने लगी है कि यदि वैश्विक हालात और बिगड़े तो आने वाले महीनों में महंगाई आम आदमी की कमर तोड़ सकती है।
स्वर्णकार संघ के जिला प्रधान प्रिंस राजपूत का कहना है कि पीएम को सोने के आभूषणों की खरीद को लेकर इस तरह की अपील नहीं करनी चाहिए। इस संदर्भ में प्रदेश के सभी स्वर्णकारों की शिमला में बैठक की जा रही है। पहले से कारोबार में मंदी का दौर जारी है और अब दो दिनों से धंधा बंद हो गया है।
स्थानीय निवासी जीवन कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले ही रसोई गैस, खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। यदि पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ तो परिवहन लागत बढ़ने से हर वस्तु पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब लोग गैरजरूरी वाहन इस्तेमाल कम करने और खर्चों में कटौती करने की योजना बनाने लगे हैं।
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दौलतपुर चौक के सुंदर ज्वेलर्स के संचालक अजय कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री के बयान के बाद बाजार में ग्राहकों की आवाजाही अचानक कम हो गई है और कारोबार लगभग ठहर सा गया है। उन्होंने कहा कि सोने की कीमतें पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं, ऊपर से लगातार बढ़ रही इम्पोर्ट ड्यूटी ने व्यापारियों और ग्राहकों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
रजनी देवी का कहना है कि अब जब देश के प्रधानमंत्री स्वयं सोना खरीदने से बचने की अपील कर रहे हैं तो लोग खरीदारी टालने लगे हैं। इसका सीधा असर छोटे व्यापारियों और कारीगरों पर पड़ रहा है। सर्राफा कारोबार केवल दुकानों तक सीमित नहीं है बल्कि इससे लाखों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। छोटे सुनार, कारीगर, डिजाइनर, मजदूर और अन्य कर्मचारी इसी व्यापार पर निर्भर हैं। यदि बाजार में लंबे समय तक यही स्थिति बनी रही तो रोजगार और कारोबार दोनों पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
स्थानीय व्यापारी अरुण लाली का कहना है कि सरकार विदेशी मुद्रा भंडार बचाने और आयात कम करने के उद्देश्य से जनता से सहयोग मांग रही है लेकिन इसका मनोवैज्ञानिक असर बाजार पर तुरंत दिखाई देने लगा है। दूसरी ओर आम लोगों में भी आर्थिक मंदी, महंगाई और भविष्य की अनिश्चितताओं को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
बडूही के सदाशिव ज्वेलर्स के मालिक समीर चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील का असर अब स्थानीय बाजारों में भी साफ दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि इस अपील के बाद उनकी दुकान की बिक्री में करीब 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। समीर चौहान ने बताया कि पहले जहां शादियों और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए लोग बड़ी संख्या में सोने के आभूषण खरीदने पहुंचते थे, वहीं अब ग्राहक खरीदारी को टाल रहे हैं या कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।
बडूही से डॉ. नरेश शर्मा ने कहा कि देशहित में सभी लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं भी यह संकल्प लिया है कि अब बहुत जरूरी होने पर ही निजी गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे। अंब और ऊना आने-जाने के लिए वे अधिकतर बस सेवा का उपयोग करेंगे।
राजेश कुमार का कहना है कि देश हित में सोने चांदी के आयात पर शुल्क बढ़ाए जाने का क्या असर होता है यह आने वाले समय में ही पता चल पाएगा। अंब बाजार में सोना के दाम लगभग एक लाख 51 हजार 600 रुपये तोला रहा।
कटौहड़ कलां निवासी राम दयाल का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कम खपत और अनावश्यक उपयोग न करने से जहां कीमती विदेशी मुद्रा बचेगी। वहीं इसका लोगों को लाभ होगा।
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स्वर्णकार संघ के जिला प्रधान प्रिंस राजपूत का कहना है कि पीएम को सोने के आभूषणों की खरीद को लेकर इस तरह की अपील नहीं करनी चाहिए। इस संदर्भ में प्रदेश के सभी स्वर्णकारों की शिमला में बैठक की जा रही है। पहले से कारोबार में मंदी का दौर जारी है और अब दो दिनों से धंधा बंद हो गया है।
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स्थानीय निवासी जीवन कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले ही रसोई गैस, खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। यदि पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ तो परिवहन लागत बढ़ने से हर वस्तु पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब लोग गैरजरूरी वाहन इस्तेमाल कम करने और खर्चों में कटौती करने की योजना बनाने लगे हैं।
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दौलतपुर चौक के सुंदर ज्वेलर्स के संचालक अजय कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री के बयान के बाद बाजार में ग्राहकों की आवाजाही अचानक कम हो गई है और कारोबार लगभग ठहर सा गया है। उन्होंने कहा कि सोने की कीमतें पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं, ऊपर से लगातार बढ़ रही इम्पोर्ट ड्यूटी ने व्यापारियों और ग्राहकों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
रजनी देवी का कहना है कि अब जब देश के प्रधानमंत्री स्वयं सोना खरीदने से बचने की अपील कर रहे हैं तो लोग खरीदारी टालने लगे हैं। इसका सीधा असर छोटे व्यापारियों और कारीगरों पर पड़ रहा है। सर्राफा कारोबार केवल दुकानों तक सीमित नहीं है बल्कि इससे लाखों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। छोटे सुनार, कारीगर, डिजाइनर, मजदूर और अन्य कर्मचारी इसी व्यापार पर निर्भर हैं। यदि बाजार में लंबे समय तक यही स्थिति बनी रही तो रोजगार और कारोबार दोनों पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
स्थानीय व्यापारी अरुण लाली का कहना है कि सरकार विदेशी मुद्रा भंडार बचाने और आयात कम करने के उद्देश्य से जनता से सहयोग मांग रही है लेकिन इसका मनोवैज्ञानिक असर बाजार पर तुरंत दिखाई देने लगा है। दूसरी ओर आम लोगों में भी आर्थिक मंदी, महंगाई और भविष्य की अनिश्चितताओं को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
बडूही के सदाशिव ज्वेलर्स के मालिक समीर चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील का असर अब स्थानीय बाजारों में भी साफ दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि इस अपील के बाद उनकी दुकान की बिक्री में करीब 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। समीर चौहान ने बताया कि पहले जहां शादियों और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए लोग बड़ी संख्या में सोने के आभूषण खरीदने पहुंचते थे, वहीं अब ग्राहक खरीदारी को टाल रहे हैं या कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।
बडूही से डॉ. नरेश शर्मा ने कहा कि देशहित में सभी लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं भी यह संकल्प लिया है कि अब बहुत जरूरी होने पर ही निजी गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे। अंब और ऊना आने-जाने के लिए वे अधिकतर बस सेवा का उपयोग करेंगे।
राजेश कुमार का कहना है कि देश हित में सोने चांदी के आयात पर शुल्क बढ़ाए जाने का क्या असर होता है यह आने वाले समय में ही पता चल पाएगा। अंब बाजार में सोना के दाम लगभग एक लाख 51 हजार 600 रुपये तोला रहा।
कटौहड़ कलां निवासी राम दयाल का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कम खपत और अनावश्यक उपयोग न करने से जहां कीमती विदेशी मुद्रा बचेगी। वहीं इसका लोगों को लाभ होगा।