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नए अपग्रेड स्कूलों में जल्द हो डीपीई की तैनाती

Wed, 18 Apr 2018 10:36 PM IST
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:36 PM IST
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नए अपग्रेड स्कूलों में जल्द हो डीपीई की तैनाती
स्तरोन्नत स्कूलों में जल्द हो डीपीई की तैनाती
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डीपीई एसोसिएशन ने मांगों को लेकर बुलंद की आवाज
कहा, वेतन विसंगतियों को भी किया जाए दूर
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। डीपीई एसोसिएशन ने लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। संघ ने सरकार से सभी डीपीई को एकमुश्त छूट देकर पीजीटी शारीरिक शिक्षा का पदनाम देने और वेतन में असमानता और विसंगतियों को दूर करने की मांग की है। वहीं, एसोसिएशन के महासचिव राजेंद्र बैंस ने नए अपग्रेड स्कूलों में डीपीई की तैनाती न करने पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने विभाग पर शारीरिक शिक्षा विषय को समाप्त करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हाईकार्ट के आदेशों के आधार पर एमए, एमपीएड करने वालों को प्रवक्ता पदनाम देना शुरू कर दिया है। इसमें केवल दो सौ को ही लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्कूलों में तैनात 1300 से अधिक डीपीई को इस लाभ से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने सभी डीपीई को लाभ और समान काम समान वेतन देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नए अपग्रेड स्कूलों में डीपीई का पद सृजित नहीं किया गया है। एक तरफ सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है, वहीं डीपीई का पद समाप्त कर अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई में शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य विषय बनाया गया है। शारीरिक शिक्षा का पद जरूरी बनाकर नए अपग्रेड स्कूलों में डीपीई पद सृजित किया जाए। नए अपग्रेड स्कूलों में विषय को लेकर अनुपात बना दिया गया है कि शारीरिक विषय का चुनाव नहीं हो सकता। नए स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी और आईपी विषय अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में दो विषयों के चुनाव की स्थिति में शारीरिक शिक्षा का आना असंभव है।
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