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63 करोड़ से होगा हंडोला पुल का जीर्णोद्धार
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नंगल। बीबीएमबी के एक निर्णय से पड़ोसी जिला ऊना व बिलासपुर के विभिन्न गांवों के लोगों के लिए बड़ी राहत पहुंची है। इससे लोगों में खुशी का माहौल है। इस खुशी का कारण है नंगल के साथ लगते जिला बिलासपुर के गांव नैहला से जिला ऊना के गांव हंडोला को जोड़ने वाला सतलुज दरिया पर बना हंडोला पुल। यह पुल 14 अप्रैल 2015 में एक रस्सा टूटने के उपरांत क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद कर दिया गया था। अब उक्त पुल को दोबारा बनाने का निर्णय बीबीएमबी ने किया है। बीबीएमबी इस पर 63 करोड़ खर्च करने जा रहा है। इसका खुलासा निर्माण कार्य शुरू करवाने के उपरांत बीबीएमबी के यांत्रिक परिमंडल के अधीक्षण अभियंता केके सूद ने किया। निर्माण शुरू करवाने से पूर्व विधि विधान से पूजा-अर्चना की गई। अभियंता केके सूद ने कहा कि भाखड़ा डैम निर्माण काल के दौरान नैहला पुल के नाम से मशहूर हुए इस पुल को धरोहर के रूप में संभालने का निर्णय बीबीएमबी ने लिया है और इस पर लगभग 63 करोड़ रुपये खर्च कर इस पुल में लगे लोहेे के रस्से, प्लेटफार्म व अन्य सामान बदला जाएगा। इस मौके पर अभियंता आरके सिंगला, अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता सुरिंदर कुमार उपस्थित रहे।
लोहे के रस्सों के सहारे बना यह झूला पुल ऊना के विभिन्न गांवों व शहरों से नंगल की ओर आने वाले लोगों के लिए एक अहम है, क्योंकि इन गांवों से आने वाले लोगों को नंगल पहुंचने के लिए यहां 20 से 25 किलो मीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, लेकिन अब इस पुल का निर्माण होने से मात्र एक किलोमीटर लंबा रास्ता तय करते ही नंगल पहुंचा जा सकता है।
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लोहे के रस्सों के सहारे बना यह झूला पुल ऊना के विभिन्न गांवों व शहरों से नंगल की ओर आने वाले लोगों के लिए एक अहम है, क्योंकि इन गांवों से आने वाले लोगों को नंगल पहुंचने के लिए यहां 20 से 25 किलो मीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, लेकिन अब इस पुल का निर्माण होने से मात्र एक किलोमीटर लंबा रास्ता तय करते ही नंगल पहुंचा जा सकता है।
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