फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   elligal supply

केक पेस्ट्री वाली क्रीम की पंजाब से अवैध सप्लाई

Fri, 20 Nov 2015 11:23 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोलन।
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोलन। Updated Fri, 20 Nov 2015 11:23 PM IST
विज्ञापन

राजधानी शिमला समेत सोलन के कई व्यावसायिक संस्थानों में केक, पेस्ट्री के अलावा अन्य उत्पादों में प्रयोग होने वाली क्रीम अवैध रूप से पंजाब के लुधियाणा शहर से सप्लाई हो रही है। बिना बिल के इन उत्पादों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। राजधानी शिमला के मशहूर कारोबारी का नाम इस गोरख धंधे में सामने आया है। यह खुलासा शुक्रवार को क्रीम से लदे वाहन की धरपकड़ के दौरान हुआ। क्रीम से लदे वाहन का चालक सोलन में आबकारी एवं कराधान विभाग का नाका तोड़ शिमला की ओर भगा ले गया। सोलन से सूचना के बाद शिमला की टीम ने वाहन अनलोड होते हुए सब्जी मंडी के पास दबोच लिया।

विज्ञापन


दोहरीदीवार पर लगा था नाका
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दोहरी दीवार सोलन में आबकारी एवं कराधान विभाग सुबह करीब सात बजे गुप्त सूचना पर नाका लगाया था। इस दौरान ईटीओ जीत सिंह और निरीक्षक चंद्रकांत की अगुवाई में टीम मौजूद थी। इसी बीच संदिग्ध पिकअप वहां गुजरी। वाहन को हाथ दिया गया, लेकिन चालक गाड़ी रोकने के बजाय उसे तेज गति से भगा कर ले गया।
विज्ञापन


कंडाघाट तक पीछा किया
सोलन आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम ने पिकअप का सोलन तक पीछा किया, लेकिन चालक उनके हाथ नहीं आया। कंडाघाट क्रॉस करने के बाद सूचना शिमला आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम को दी गई। शिमला स्थित विभाग की टीम में ईटीओ प्रीत पाल सिंह और निरीक्षक हंस राज शर्मा ने छानबीन करते हुए सुबह करीब आठ बजे सब्जी मंडी शिमला के पास पिकअप उस वक्त बरामद की जब करीब एक लाख की अवैध रूप से फ्रू्ट क्रीम अनलोड हो रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं दिखा सके दस्तावेज
विभाग के अधिकारियों ने जब बिल, ऑनलाइन डेक्लेरेशन और अन्य दस्तावेज मांगे तो कर्मचारी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। मौके पर विभाग की टीम ने 51 हजार रुपए का जुर्माना संबंधित कारोबारी को किया। बताया जा रहा है कि राजधानी समेत सोलन में कारोबारी क्रीम की सप्लाई करता है।


न स्वास्थ्य विभाग न पुलिस को सूचना
आखिर क्रीम बिना बिल के क्यों लाई गई? क्या सिर्फ टैक्स चोरी ही मकसद है या कुछ और? कहीं क्रीम एक्सपायरी तो नहीं थी? क्या क्रीम की गुणवत्ता छिपाने के लिए यह सब किया गया? ये सभी सवाल उठ रहे हैं। आबकारी एवं कराधान विभाग को इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के सैंपलिंग के लिए और पुलिस को देनी चाहिए थी, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने जुर्माना लेकर अपनी ड्यूटी से इतिश्री कर ली।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed