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चरस तस्करी के मामले के दोषी को दस साल की कैद
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:33 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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सोलन। परिवहन निगम की बस में चरस के साथ पकड़े गए आनी निवासी को मुख्य न्यायाधीश जसवंत सिंह की अदालत ने दस साल कैद की सजा सुनाई है। अभियुक्त को एक लाख रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक साल की कैद और भुगतनी होगी।
अभियुक्त जवाहर लाल पुत्र परमानंद निवासी टिप्पर आनी कुल्लू को एक किलो 954 ग्राम चरस के साथ सोलन की दोहरीदिवार के पास से गिरफ्तार किया गया था। वह चरस के साथ परिवहन निगम की बस में सफर कर रहा था। जिला उप न्यायवादी हेमंत सिंह चौधरी ने बताया कि 30 जनवरी 2016 को पुलिस ने जांच-पड़ताल के लिए परिवहन निगम की बस नंबर एचपी-68-4382 को सोलन शहर में दोहरीदिवार के पास रोका। इस दौरान पुलिस ने सवारियों के सामान की तलाशी ली। इस दौरान बस की 35 नंबर सीट पर बैठे जवाहर लाल के पास से एक बैग बरामद हुआ। पुलिस ने जब बैग की तलाशी ली तो उससे चरस बरामद की गई। इसका वजन एक किलो 954 ग्राम पाया गया। पुलिस ने चरस को कब्जे में लेकर जवाहर लाल को गिरफ्तार कर लिया। इसे कोर्ट में पेश किया गया और कोर्ट ने शुक्रवार को दस साल कैद की सजा सुना दी।
वहीं लोगों ने इस फैसले की सराहना की है। लोगों का कहना है कि नशे के सौदागरों को सबक सिखाने के लिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी है ताकि युवा पीढ़ी को नशे की दलदल में धंसने से बचाया जा सके। जिले में शराब माफिया से लेकर चरस तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस हालांकि समय-समय पर ऐसे मामलों में कार्रवाई करती रहती है लेकिन इसके बावजूद चोरी छिपे चरस तस्कर जिले में नशे की डोज पहुंचा रहे हैं। लेकिन अदालतों के इस तरह के सख्त फैसलों से नशा माफिया पर अंकुश लगेगा।
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अभियुक्त जवाहर लाल पुत्र परमानंद निवासी टिप्पर आनी कुल्लू को एक किलो 954 ग्राम चरस के साथ सोलन की दोहरीदिवार के पास से गिरफ्तार किया गया था। वह चरस के साथ परिवहन निगम की बस में सफर कर रहा था। जिला उप न्यायवादी हेमंत सिंह चौधरी ने बताया कि 30 जनवरी 2016 को पुलिस ने जांच-पड़ताल के लिए परिवहन निगम की बस नंबर एचपी-68-4382 को सोलन शहर में दोहरीदिवार के पास रोका। इस दौरान पुलिस ने सवारियों के सामान की तलाशी ली। इस दौरान बस की 35 नंबर सीट पर बैठे जवाहर लाल के पास से एक बैग बरामद हुआ। पुलिस ने जब बैग की तलाशी ली तो उससे चरस बरामद की गई। इसका वजन एक किलो 954 ग्राम पाया गया। पुलिस ने चरस को कब्जे में लेकर जवाहर लाल को गिरफ्तार कर लिया। इसे कोर्ट में पेश किया गया और कोर्ट ने शुक्रवार को दस साल कैद की सजा सुना दी।
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वहीं लोगों ने इस फैसले की सराहना की है। लोगों का कहना है कि नशे के सौदागरों को सबक सिखाने के लिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी है ताकि युवा पीढ़ी को नशे की दलदल में धंसने से बचाया जा सके। जिले में शराब माफिया से लेकर चरस तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस हालांकि समय-समय पर ऐसे मामलों में कार्रवाई करती रहती है लेकिन इसके बावजूद चोरी छिपे चरस तस्कर जिले में नशे की डोज पहुंचा रहे हैं। लेकिन अदालतों के इस तरह के सख्त फैसलों से नशा माफिया पर अंकुश लगेगा।
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