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परमिट से अधिक बसें चलाने पर विभागीय जांच

Tue, 21 Nov 2017 10:15 PM IST
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:15 PM IST
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परमिट से अधिक बसें चलाने पर विभागीय जांच
electric bus
सोलन। परिवहन विभाग ने जिले के विभिन्न रूटों पर चल रही प्राइवेट बसों पर जांच बैठा दी है। यह जांच जिला में तय रूट और परमिट से अधिक बसें चलने की शिकायत आने पर शुरू की गई। जांच में बारीकी से तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। इसके लिए परिवहन विभाग, निगम की भी मदद ले रहा है। ऐसे रूटों का पता लगाया जा रहा है जिन पर अतिरिक्त बसें चल रही हैं। विभाग ने बिना परमिट चलने वाले बसों को जब्त करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
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जिले में निजी बसों के नाम पर 191 परमिट जारी हुए हैं। इनमें 11 परमिट एक ही फर्म के नाम पर हैं। अन्य परमिट अलग-अलग हैं। इन परमिटों के हिसाब से जिले में 191 निजी बसें होनी चाहिए। लेकिन परिवहन निगम को मिली शिकायत में इससे अधिक बसें चलने का दावा किया गया है। आरोप है कि बस मालिक खटारा या कंडम हो चुकी बसों के परमिट पर दूसरी बसें चला रहे हैं। इनमें से कुछ बसें ऐसी भी हैं जिनकी एसआरटी (स्पेशल रोड टैक्स) जमा नहीं हो रहा है। लेकिन बसें निर्धारित रूट पर चल रही हैं। विभाग इस दुविधा में है कि बसें खटारा हो चुकी हैं या फिर उन्हें रिपेयर के लिए वर्कशॉप में खड़ा किया है। इसके बावजूद रूट फेल नहीं हो रहे हैं। विभाग ने इस पूरे मामले की जांच का फैसला किया है और जो बस मालिक दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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विभाग कर रहा परमिट की जांच : आरटीओ
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एमडी शर्मा ने कहा कि जिले में निर्धारित परमिट से अधिक बसें चलने की शिकायत मिली है। इस पर जांच शुरू कर दी है। एसआरटी जमा किए बगैर बसों को नहीं चलने दिया जाएगा। जिला में 180 और 11 परमिट निजी बसों को जारी किए हैं। कायदे से इतनी ही बसें सड़क पर चल सकती हैं। इसके बावजूद खटारा, एसआरटी जमा न होने और वर्कशॉप में बसें खड़ी होने के बावजूद रूट फेल नहीं होते हैं तो सवाल उठना जायज है। विभाग परमिट की जांच कर रहा है। परमिट के मुताबिक ही बसों को चलने की इजाजत मिलेगी।
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कैशलेस होगा आरटीओ कार्यालय
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एमडी शर्मा ने बताया कि वाहन मालिकों को ठगी से बचाने के लिए आरटीओ कार्यालय को कैशलेस बनाया जा रहा है। इसके लिए मशीनें लगाई जा रही हैं। कैशलेस की वजह से सभी तरह का लेनदेन सिर्फ खातों में जमा होगा। इससे कार्यालय में पारदर्शिता रहेगी। यह व्यवस्था जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यालय में सभी जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इनका नियंत्रण कक्ष आरटीओ कार्यालय में रखा गया है, जहां से कार्यालय में होने वाली सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है।
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