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Sirmour News: रेडियोलॉजिस्ट नहीं पहुंचे, सीटी-अल्ट्रासाउंड के लिए भटकते रहे मरीज
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रेडियोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों के सभी आठ पद रिक्त होने से समस्या बढ़ी
सरकारी जांच की तुलना में निजी केंद्रों पर दो से तीन गुना अधिक खर्च उठाने को विवश मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में सोमवार सुबह सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे मरीजों की परेशानी साफ नजर आई। पंजीकरण कक्ष के बाहर मरीज पर्ची हाथ में लिए अपनी जांच होने का इंतजार करते रहे। कुछ मरीजों को चिकित्सकों ने उसी दिन जांच लिखी थी, जबकि कई पहले से निर्धारित तिथि पर सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे थे। काफी देर इंतजार के बाद उन्हें पता चला कि रेडियोलॉजी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं और दोनों जांचें नहीं हो सकेंगी।
जांच बंद होने के बाद मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ा। सरकारी अस्पताल में कम खर्च में होने वाली जांच के लिए अब उन्हें निजी केंद्रों में दो से तीन गुना अधिक राशि चुकानी पड़ रही है। दूरदराज के क्षेत्रों से आए बुजुर्ग और अन्य मरीजों के लिए यह परेशानी और बढ़ गई।
कालाअंब क्षेत्र के देवनी निवासी 84 वर्षीय नराता राम भी सोमवार को सीटी स्कैन करवाने पहुंचे थे। उन्हें पहले से सोमवार की तिथि दी गई थी। कठिनाई से अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं और जांच नहीं होगी। नराता राम ने बताया कि अब उन्हें निजी अस्पताल में जांच करवानी पड़ेगी। निजी अस्पताल काफी दूर है और वहां तक पहुंचना भी उनके लिए आसान नहीं है।
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पांवटा साहिब की 55 वर्षीय गीता देवी पेट दर्द की शिकायत लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। चिकित्सक ने जांच के बाद उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी, लेकिन अस्पताल में सुविधा बंद होने के कारण उन्हें निजी केंद्र में जांच करवानी पड़ी। उन्होंने बताया कि बाहर जांच करवाने के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ी, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया।
तीन विशेषज्ञों के जाने से सेवाएं ठप
मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में पहले विभागाध्यक्ष समेत तीन विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं दे रहे थे। 31 जुलाई को विभागाध्यक्ष सेवानिवृत्त हो गए। एक अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक का पदोन्नति के बाद तबादला हो गया, जबकि तीसरे चिकित्सक ने इस्तीफा दे दिया। तीनों विशेषज्ञों के एक साथ विभाग से बाहर होने के कारण अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।
मेडिकल कॉलेज में सामान्य मरीजों का अल्ट्रासाउंड करीब 200 रुपये में किया जाता था, जबकि गर्भवती महिलाओं के लिए यह सुविधा निशुल्क थी। सीटी स्कैन की जांच 850 से 1,300 रुपये के बीच होती थी। अब निजी केंद्रों में यही जांच करवाने के लिए मरीजों को दो से तीन गुना अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है।
रेडियोलॉजी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने के कारण फिलहाल अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सेवाएं बंद हैं। इस संबंध में सरकार और स्वास्थ्य विभाग को अवगत करा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति होने के बाद दोनों सेवाएं फिर शुरू कर दी जाएंगी।
-डॉ. नवीन गुप्ता, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज नाहन
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सरकारी जांच की तुलना में निजी केंद्रों पर दो से तीन गुना अधिक खर्च उठाने को विवश मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में सोमवार सुबह सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे मरीजों की परेशानी साफ नजर आई। पंजीकरण कक्ष के बाहर मरीज पर्ची हाथ में लिए अपनी जांच होने का इंतजार करते रहे। कुछ मरीजों को चिकित्सकों ने उसी दिन जांच लिखी थी, जबकि कई पहले से निर्धारित तिथि पर सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे थे। काफी देर इंतजार के बाद उन्हें पता चला कि रेडियोलॉजी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं और दोनों जांचें नहीं हो सकेंगी।
जांच बंद होने के बाद मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ा। सरकारी अस्पताल में कम खर्च में होने वाली जांच के लिए अब उन्हें निजी केंद्रों में दो से तीन गुना अधिक राशि चुकानी पड़ रही है। दूरदराज के क्षेत्रों से आए बुजुर्ग और अन्य मरीजों के लिए यह परेशानी और बढ़ गई।
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कालाअंब क्षेत्र के देवनी निवासी 84 वर्षीय नराता राम भी सोमवार को सीटी स्कैन करवाने पहुंचे थे। उन्हें पहले से सोमवार की तिथि दी गई थी। कठिनाई से अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं और जांच नहीं होगी। नराता राम ने बताया कि अब उन्हें निजी अस्पताल में जांच करवानी पड़ेगी। निजी अस्पताल काफी दूर है और वहां तक पहुंचना भी उनके लिए आसान नहीं है।
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पांवटा साहिब की 55 वर्षीय गीता देवी पेट दर्द की शिकायत लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। चिकित्सक ने जांच के बाद उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी, लेकिन अस्पताल में सुविधा बंद होने के कारण उन्हें निजी केंद्र में जांच करवानी पड़ी। उन्होंने बताया कि बाहर जांच करवाने के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ी, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया।
तीन विशेषज्ञों के जाने से सेवाएं ठप
मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में पहले विभागाध्यक्ष समेत तीन विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं दे रहे थे। 31 जुलाई को विभागाध्यक्ष सेवानिवृत्त हो गए। एक अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक का पदोन्नति के बाद तबादला हो गया, जबकि तीसरे चिकित्सक ने इस्तीफा दे दिया। तीनों विशेषज्ञों के एक साथ विभाग से बाहर होने के कारण अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।
मेडिकल कॉलेज में सामान्य मरीजों का अल्ट्रासाउंड करीब 200 रुपये में किया जाता था, जबकि गर्भवती महिलाओं के लिए यह सुविधा निशुल्क थी। सीटी स्कैन की जांच 850 से 1,300 रुपये के बीच होती थी। अब निजी केंद्रों में यही जांच करवाने के लिए मरीजों को दो से तीन गुना अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है।
रेडियोलॉजी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने के कारण फिलहाल अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सेवाएं बंद हैं। इस संबंध में सरकार और स्वास्थ्य विभाग को अवगत करा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति होने के बाद दोनों सेवाएं फिर शुरू कर दी जाएंगी।
-डॉ. नवीन गुप्ता, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज नाहन