{"_id":"659d420bc9fad707470aa2f7","slug":"maagi-parav-will-be-celebrated-in-transgiri-area-nahan-news-c-177-1-ssml1027-16307-2024-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: सिरमौर के ट्रांसगिरि इलाके में माघी त्योहार की तैयारियां शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: सिरमौर के ट्रांसगिरि इलाके में माघी त्योहार की तैयारियां शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरमौर के ट्रांसगिरि इलाके में माघी त्योहार की तैयारियां शुरू
गिरिपार समेत उत्तराखंड के जौनसार क्षेत्र में मनाया जाएगा पर्व
10 और 12 जनवरी को हजारों बकरे काटे जाने का अनुमान
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर के ट्रांसगिरि इलाके में माघी त्योहार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 11 जनवरी को वीरवार और पौष अमावस्या होने से इस बार यह पर्व 10 जनवरी से शुरू हो रहा है।
जिले के ट्रांसगिरि के साथ-साथ उत्तराखंड के जौनसार बाबर की 80 से 82 पंचायतों में इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है। जिले के गिरिपार इलाके की 154 में से 126 पंचायतों में इस पर्व पर बकरे काटे जाने की परंपरा है। करीब 30,000 से 35,000 परिवारों में बकरे काटे जाएंगे। 28 गते पौष यानी 12 जनवरी को भी गिरिपार इलाके में बकरे काटे जाएंगे।
मंगलवार को पर्व से एक दिन पहले गिरिपार इलाके में बोशता (तेल पक्का पकवान) बनाए गए। बकरे काटे जाने के दिन इस पर्व को भातियोज का नाम दिया गया है। त्योहार के आठ दिन बाद इसे खोड़ा पर्व के नाम से भी मनाया जाता है। इसे छोटा भातियोज कहा जाता है।
विज्ञापन
इलाके के गण्यमान्य व्यक्ति रामभज चौहान, कुंदन सिंह, खत्तरी सिंह ठाकुर, मामराज और कुलदीप आदि ने बताया कि गिरिपार इलाके का यह बड़ा पर्व है। हालांकि इस पर्व को मनाए जाने की परंपरा में अब काफी बदलाव आया है। ये त्योहार बहुत खर्चीला है। लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार इसको मनाते हैं।
सभी रिश्तेदारों, शादीशुदा लड़कियों को त्योहार का हिस्सा दिया जाता है। पूरा महीना मेहमाननवाजी का दौर चलेगा। लोगों का कहना है कि गिरिपार में इस दिन हजारों बकरे, सूअर और खड्डू काटे जाते हैं। यह हाटी संस्कृति का मुख्य हिस्सा भी है।
विज्ञापन
गिरिपार समेत उत्तराखंड के जौनसार क्षेत्र में मनाया जाएगा पर्व
10 और 12 जनवरी को हजारों बकरे काटे जाने का अनुमान
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर के ट्रांसगिरि इलाके में माघी त्योहार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 11 जनवरी को वीरवार और पौष अमावस्या होने से इस बार यह पर्व 10 जनवरी से शुरू हो रहा है।
जिले के ट्रांसगिरि के साथ-साथ उत्तराखंड के जौनसार बाबर की 80 से 82 पंचायतों में इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है। जिले के गिरिपार इलाके की 154 में से 126 पंचायतों में इस पर्व पर बकरे काटे जाने की परंपरा है। करीब 30,000 से 35,000 परिवारों में बकरे काटे जाएंगे। 28 गते पौष यानी 12 जनवरी को भी गिरिपार इलाके में बकरे काटे जाएंगे।
विज्ञापन
मंगलवार को पर्व से एक दिन पहले गिरिपार इलाके में बोशता (तेल पक्का पकवान) बनाए गए। बकरे काटे जाने के दिन इस पर्व को भातियोज का नाम दिया गया है। त्योहार के आठ दिन बाद इसे खोड़ा पर्व के नाम से भी मनाया जाता है। इसे छोटा भातियोज कहा जाता है।
विज्ञापन
इलाके के गण्यमान्य व्यक्ति रामभज चौहान, कुंदन सिंह, खत्तरी सिंह ठाकुर, मामराज और कुलदीप आदि ने बताया कि गिरिपार इलाके का यह बड़ा पर्व है। हालांकि इस पर्व को मनाए जाने की परंपरा में अब काफी बदलाव आया है। ये त्योहार बहुत खर्चीला है। लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार इसको मनाते हैं।
सभी रिश्तेदारों, शादीशुदा लड़कियों को त्योहार का हिस्सा दिया जाता है। पूरा महीना मेहमाननवाजी का दौर चलेगा। लोगों का कहना है कि गिरिपार में इस दिन हजारों बकरे, सूअर और खड्डू काटे जाते हैं। यह हाटी संस्कृति का मुख्य हिस्सा भी है।