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कालाअंब के ईएसआई अस्पताल में एक महीने से डॉक्टर नहीं
Updated Tue, 08 May 2018 11:13 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर)।
औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब स्थित ईएसआई अस्पताल नाम का अस्पताल बनकर रह गया है। यहां कामगारों को इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। एक महीने से इस अस्पताल में डॉक्टर नहीं है जिस कारण रोगी कामगारों को प्राइवेट अस्पताल में जाकर इलाज करवाना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक चपत भी लग रही है। विभिन्न उद्योगों में कार्यरत सुनील चौहान, मुकेश शर्मा, शेखर चौहान, प्रवेश तोमर, नरेश तोमर, सजीव कुमार, दिनेश तोमर, बलबीर ठाकुर, वीरेंद्र चौहान, जय देव, ओम प्रकाश, महेंद्र चौहान, मनु चौहान, रमेश शर्मा, कपिल तोमर, सुनील तोमर, आकाश थापा, बद्रीनाथ, सतपाल, सुरेंद्र, बृजभूषण, इंद्र सिंह, कुलदीप, अनिल तोमर, अनिल चौहान, सुमन, सीमा देवी, नेहा ठाकुर, पूनम ठाकुर, मनीषा चौहान, आशा कुमारी ने बताया कि इस अस्पताल में एक महीने से डॉक्टर नहीं है जिससे उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। साफ-सफाई करने वाले पर्ची काट रहे हैं। इंजेक्शन पट्टी करने वाले दवाई दे रहे हैं। हालात इतने बुरे हैं कि जो मरीज ज्यादा बीमार हैं, उन्हें रेफर तक नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिन मरीजों को रेफर किया जाना है उनकी संख्या सौ तक पहुंच गई है। ईएसआई अस्पताल में इलाज के नाम पर उनसे हर महीने दो सौ रुपये वसूले जाते हैं। कालाअंब स्थिति सैकड़ों उद्योगों में हजारों कामगार काम कर रहे हैं। फिर भी उनको इलाज की सुविधा मुहैया नहीं करवाई जा रही है। यहां डॉक्टर न होने के कारण 6 हजार रुपये कमाने वाला कामगार मजबूरी में प्राइवेट डॉक्टर के पास जाकर इलाज करवाने को विवश है जिससे उसको आर्थिक चपत लग रही है।
कामगारों ने बताया कि अस्पताल में फिलहाल एक स्टाफ नर्स तैनात है, जो खांसी-जुकाम की दवा दे देती है लेकिन गंभीर रोगियों को देखने में वह भी असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में गरीब लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कामगारों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी की कि यदि दो दिन के अंदर अस्पताल में डॉक्टर नहीं भेजा गया तो वह सभी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
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कालाअंब (सिरमौर)।
औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब स्थित ईएसआई अस्पताल नाम का अस्पताल बनकर रह गया है। यहां कामगारों को इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। एक महीने से इस अस्पताल में डॉक्टर नहीं है जिस कारण रोगी कामगारों को प्राइवेट अस्पताल में जाकर इलाज करवाना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक चपत भी लग रही है। विभिन्न उद्योगों में कार्यरत सुनील चौहान, मुकेश शर्मा, शेखर चौहान, प्रवेश तोमर, नरेश तोमर, सजीव कुमार, दिनेश तोमर, बलबीर ठाकुर, वीरेंद्र चौहान, जय देव, ओम प्रकाश, महेंद्र चौहान, मनु चौहान, रमेश शर्मा, कपिल तोमर, सुनील तोमर, आकाश थापा, बद्रीनाथ, सतपाल, सुरेंद्र, बृजभूषण, इंद्र सिंह, कुलदीप, अनिल तोमर, अनिल चौहान, सुमन, सीमा देवी, नेहा ठाकुर, पूनम ठाकुर, मनीषा चौहान, आशा कुमारी ने बताया कि इस अस्पताल में एक महीने से डॉक्टर नहीं है जिससे उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। साफ-सफाई करने वाले पर्ची काट रहे हैं। इंजेक्शन पट्टी करने वाले दवाई दे रहे हैं। हालात इतने बुरे हैं कि जो मरीज ज्यादा बीमार हैं, उन्हें रेफर तक नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिन मरीजों को रेफर किया जाना है उनकी संख्या सौ तक पहुंच गई है। ईएसआई अस्पताल में इलाज के नाम पर उनसे हर महीने दो सौ रुपये वसूले जाते हैं। कालाअंब स्थिति सैकड़ों उद्योगों में हजारों कामगार काम कर रहे हैं। फिर भी उनको इलाज की सुविधा मुहैया नहीं करवाई जा रही है। यहां डॉक्टर न होने के कारण 6 हजार रुपये कमाने वाला कामगार मजबूरी में प्राइवेट डॉक्टर के पास जाकर इलाज करवाने को विवश है जिससे उसको आर्थिक चपत लग रही है।
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कामगारों ने बताया कि अस्पताल में फिलहाल एक स्टाफ नर्स तैनात है, जो खांसी-जुकाम की दवा दे देती है लेकिन गंभीर रोगियों को देखने में वह भी असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में गरीब लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कामगारों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी की कि यदि दो दिन के अंदर अस्पताल में डॉक्टर नहीं भेजा गया तो वह सभी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
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