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केदार सिंह पर पहले भी हुआ था जानलेवा हमला
Updated Fri, 07 Sep 2018 10:49 PM IST
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केदार सिंह पर पहले भी हुआ था जानलेवा हमला
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। बकरास में गाड़ी से कुचलकर मारे गए बसपा नेता केदार सिंह पर पहले भी कई बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। शिलाई की क्यारी गुंडाह पंचायत के पाब गांव निवासी केदार सिंह शिमला में रहते थे। भ्रष्टाचार और दलित शोषण से जुड़े मामलों को उठाने में वह सबसे आगे रहे। उनकी मौत से उनके परिवार वाले गहरे सदमे में हैं। उधर, बसपा नेता की हत्या के बाद कोली समाज ने सीबीआई से इस मामले की छानबीन करने की मांग की है।
केदार सिंह जिंदान ने हाल ही में बीपीएल की सूची में हुए गोलमाल की शिकायत सरकार को भेजी है। वह आरटीआई एक्टिविस्ट भी थे। शिमला में मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने शिलाई क्षेत्र की एक पंचायत में बीपीएल के आधार पर नौकरी हासिल करने के लिए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की ओर से अपनी जगह पर दूसरे अध्यापक ठेके पर रखने का मामला भी उन्होंने उजागर किया था। पिछले विधानसभा चुनाव में केदार सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। हालांकि, उसमें वह विजय नहीं हो पाए थे। उधर, अखिल भारतीय कोली समाज की जिला इकाई ने कहा है कि केदार पर पहलेे भी कई बार हमले हो चके हैं। उन्होंने जातीय भेदभाव की लड़ाई लड़ी है। इसी वजह से उन पर कई बार जानलेवा हमले भी हुए। हाल ही में शिलाई बाजार में उनकी निर्मम पिटाई हुई थी, जिसमें वह बाल-बाल बचे। उन्होंने पुलिस को भी अपनी जान का खतरा होने के बारे में शिकायत की थी। कोली समाज जिला सिरमौर इकाई के प्रधान संजय पुंडीर, महासचिव संदीपक तोमर, प्रदेशाध्यक्ष बलवीर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष भगत राम पुंडीर ने प्रदेश सरकार से इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। कोली समाज की पांवटा इकाई के भीम सिंह ने कहा कि नेता केदार सिंह जिंदान की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। कोली समाज पावटा इकाई बहुत ही कड़ी शब्दों में निंदा की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। बकरास में गाड़ी से कुचलकर मारे गए बसपा नेता केदार सिंह पर पहले भी कई बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। शिलाई की क्यारी गुंडाह पंचायत के पाब गांव निवासी केदार सिंह शिमला में रहते थे। भ्रष्टाचार और दलित शोषण से जुड़े मामलों को उठाने में वह सबसे आगे रहे। उनकी मौत से उनके परिवार वाले गहरे सदमे में हैं। उधर, बसपा नेता की हत्या के बाद कोली समाज ने सीबीआई से इस मामले की छानबीन करने की मांग की है।
केदार सिंह जिंदान ने हाल ही में बीपीएल की सूची में हुए गोलमाल की शिकायत सरकार को भेजी है। वह आरटीआई एक्टिविस्ट भी थे। शिमला में मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने शिलाई क्षेत्र की एक पंचायत में बीपीएल के आधार पर नौकरी हासिल करने के लिए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की ओर से अपनी जगह पर दूसरे अध्यापक ठेके पर रखने का मामला भी उन्होंने उजागर किया था। पिछले विधानसभा चुनाव में केदार सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। हालांकि, उसमें वह विजय नहीं हो पाए थे। उधर, अखिल भारतीय कोली समाज की जिला इकाई ने कहा है कि केदार पर पहलेे भी कई बार हमले हो चके हैं। उन्होंने जातीय भेदभाव की लड़ाई लड़ी है। इसी वजह से उन पर कई बार जानलेवा हमले भी हुए। हाल ही में शिलाई बाजार में उनकी निर्मम पिटाई हुई थी, जिसमें वह बाल-बाल बचे। उन्होंने पुलिस को भी अपनी जान का खतरा होने के बारे में शिकायत की थी। कोली समाज जिला सिरमौर इकाई के प्रधान संजय पुंडीर, महासचिव संदीपक तोमर, प्रदेशाध्यक्ष बलवीर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष भगत राम पुंडीर ने प्रदेश सरकार से इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। कोली समाज की पांवटा इकाई के भीम सिंह ने कहा कि नेता केदार सिंह जिंदान की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। कोली समाज पावटा इकाई बहुत ही कड़ी शब्दों में निंदा की है।
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