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देसी घी के सैंपल फेल, दुकानदार को 20 हजार जुर्माना
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नाहन (सिरमौर)। आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करते हुए बाजार में घटिया क्वालिटी के उत्पाद पहुंच रहे हैं। गुणवत्ता कम होने के साथ ही ऐसे उत्पादों में मिलावट भी पाई जा रही है। ऐसा ही एक मामला नाहन में सामने आया है। ओसाम नामक ब्रांड के देसी घी में दूध की जगह वैज फेट पाए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग की कसौटी पर देसी घी का यह उत्पाद सहीं नहीं पाए जाने पर अतिरिक्त उपायुक्त की अदालत ने बिक्री करने वाले दुकानदार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। दुकानदार ने यह उत्पाद बिना बिल घर-घर उत्पाद बेचने वालों से खरीदा था।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कुछ अरसे पहले ही पांवटा से भरे गए रिफाइंड के सैंपल फेल हो गए थे। इस मामले में रिफाइंड बेचने वाले दुकानदार को साठ हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया था। ताजा घटनाक्रम में अब देसी घी की बिक्री करने वाले दुकानदार पर गाज गिरी है। खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला अभिहित अधिकारी अतुल कायस्था ने बताया कि विभाग ने कुछ महीने पहले गिरिपुल के समीप एक दुकान से ओसाम ब्रांड देसी घी के सैंपल भरे थे। दुकानदार ने यह घी घर-घर सप्लाई करने वाले किसी व्यक्ति से खरीदा था। उसके पास कोई बिल भी उपलब्ध नहीं था। कंडाघाट स्थित प्रयोगशाला में जब इसकी जांच की गई तो सैंपल फेल हो गए। घी में दूध की जगह वैज फेट अधिक पाए गए। इसके बाद मामला अतिरिक्त उपायुक्त की अदालत में लगाया गया। जहां सुनवाई के दौरान दुकानदार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। बाजार में पहुंच रहे घटिया क्वालिटी के उत्पादों पर विभाग की पैनी नजर है। विभाग ऐसे उत्पादों के सैंपल भर रहा है। यदि सैंपल फेल हो जाते हैं तो केस भी किए जा रहे हैं।
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खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कुछ अरसे पहले ही पांवटा से भरे गए रिफाइंड के सैंपल फेल हो गए थे। इस मामले में रिफाइंड बेचने वाले दुकानदार को साठ हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया था। ताजा घटनाक्रम में अब देसी घी की बिक्री करने वाले दुकानदार पर गाज गिरी है। खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला अभिहित अधिकारी अतुल कायस्था ने बताया कि विभाग ने कुछ महीने पहले गिरिपुल के समीप एक दुकान से ओसाम ब्रांड देसी घी के सैंपल भरे थे। दुकानदार ने यह घी घर-घर सप्लाई करने वाले किसी व्यक्ति से खरीदा था। उसके पास कोई बिल भी उपलब्ध नहीं था। कंडाघाट स्थित प्रयोगशाला में जब इसकी जांच की गई तो सैंपल फेल हो गए। घी में दूध की जगह वैज फेट अधिक पाए गए। इसके बाद मामला अतिरिक्त उपायुक्त की अदालत में लगाया गया। जहां सुनवाई के दौरान दुकानदार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। बाजार में पहुंच रहे घटिया क्वालिटी के उत्पादों पर विभाग की पैनी नजर है। विभाग ऐसे उत्पादों के सैंपल भर रहा है। यदि सैंपल फेल हो जाते हैं तो केस भी किए जा रहे हैं।
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