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पांवटा में दलित संगठनों ने रैली निकाल कर की नारेबाजी
Updated Mon, 02 Apr 2018 10:39 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित संगठनों के भारत बंद का पांवटा में खास असर देखने को नहीं मिला। यहां हर रोज की तरह बाजार खुला रहा। जबकि विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने सड़कों पर उतर कर कोर्ट के फैसले के विरोध में रैली निकाली और नारेबाजी की। एसडीएम पांवटा के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेज दिया गया है।
स्थानीय दलित महासभा पांवटा इकाई के अमरनाथ, श्याम चंद ढिल्लो, अमित कुमार, मुकेश कुमार, गौरव कुमार, शशीबाला, सेवा राम, रेशमा, काकू, रजत, सुमन, सविता, आरती, पूनम, अशोक, मोनिका व जगमल का कहना है कि इस अधिनियम को पूर्व की तरह रखा जाए। सुबह वार्ड-5 के मंदिर परिसर के समीप समुदाय के लोग एकत्र हुए। यहां से गीता भवन, मुख्य बाजार से वापस मिनी सचिवालय तक रैली निकाली।
एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा ने बताया कि दलित समाज के ज्ञापन को प्रधानमंत्री को प्रेषित कर दिया जाएगा। उधर, हिमाचल प्रदेश कोली समाज पांवटा इकाई ने भी सर्वोच्च न्यायालय व केंद्र सरकार को ज्ञापन भेज कर पुन: विचार करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल में कोली समाज पांवटा इकाई प्रधान अतर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष यशपाल सिंह, महासचिव अनिल कुमार सहित कई पदाधिकारी थे।
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पंजाब-हरियाणा रोडवेज की नहीं पहुंची दर्जनों बसें
पांवटा साहिब (सिरमौर)। दलित समुदाय के देश व्यापी बंद के चलते पंजाब व
हरियाणा की कई बसें पांवटा नहीं पहुंची जिससे पड़ोसी राज्यों को आने व जाने वाले यात्रियों को दिक्कतें आईं। सोमवार को बस स्टेशन में एचआरटीसी व निजी बसों की सेवाएं जारी रहीं। पंजाब व हरियाणा में बंद के असर के चलते पांवटा बसें नहीं पहुंची।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित संगठनों के भारत बंद का पांवटा में खास असर देखने को नहीं मिला। यहां हर रोज की तरह बाजार खुला रहा। जबकि विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने सड़कों पर उतर कर कोर्ट के फैसले के विरोध में रैली निकाली और नारेबाजी की। एसडीएम पांवटा के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेज दिया गया है।
स्थानीय दलित महासभा पांवटा इकाई के अमरनाथ, श्याम चंद ढिल्लो, अमित कुमार, मुकेश कुमार, गौरव कुमार, शशीबाला, सेवा राम, रेशमा, काकू, रजत, सुमन, सविता, आरती, पूनम, अशोक, मोनिका व जगमल का कहना है कि इस अधिनियम को पूर्व की तरह रखा जाए। सुबह वार्ड-5 के मंदिर परिसर के समीप समुदाय के लोग एकत्र हुए। यहां से गीता भवन, मुख्य बाजार से वापस मिनी सचिवालय तक रैली निकाली।
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एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा ने बताया कि दलित समाज के ज्ञापन को प्रधानमंत्री को प्रेषित कर दिया जाएगा। उधर, हिमाचल प्रदेश कोली समाज पांवटा इकाई ने भी सर्वोच्च न्यायालय व केंद्र सरकार को ज्ञापन भेज कर पुन: विचार करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल में कोली समाज पांवटा इकाई प्रधान अतर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष यशपाल सिंह, महासचिव अनिल कुमार सहित कई पदाधिकारी थे।
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पंजाब-हरियाणा रोडवेज की नहीं पहुंची दर्जनों बसें
पांवटा साहिब (सिरमौर)। दलित समुदाय के देश व्यापी बंद के चलते पंजाब व
हरियाणा की कई बसें पांवटा नहीं पहुंची जिससे पड़ोसी राज्यों को आने व जाने वाले यात्रियों को दिक्कतें आईं। सोमवार को बस स्टेशन में एचआरटीसी व निजी बसों की सेवाएं जारी रहीं। पंजाब व हरियाणा में बंद के असर के चलते पांवटा बसें नहीं पहुंची।