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Rampur Bushahar News: औषधीय गुणों से भरपूर प्रदेश के लहसुन की तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में बढ़ी मांग
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सब्जी मंडी सोलन में ग्रेड के हिसाब से किसानों को भी मिल रहे उचित दाम
जिला सोलन में 500 हेक्टयेर भूमि पर होती है लहसुन की खेती
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। औषधीय गुणों से भरपूर हिमाचल प्रदेश के लहसुन ने दक्षिण भारतीय राज्यों में अपनी धाक जमाना शुरू कर दिया है। तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों में प्रदेश के लहसुन की मांग आ रही है। हालांकि अभी स्थानीय आढ़ती ही सब्जी मंडी से लहसुन की खरीद कर बाहरी राज्यों को सप्लाई कर रहे हैं। जिला सोलन और सिरमौर में सबसे अधिक लहसुन की खेती होती है। हालांकि इस बार अधिकतर क्षेत्रों में लहसुन खराब हुआ है। इससे पैदावार भी कम है।
जानकारी के अनुसार सब्जी मंडी में लहसुन की फसल आते ही किसानों के चेहरों पर चमक लौट आई है। वर्तमान में लहसुन की गुणवत्ता और ग्रेड के आधार पर किसानों को 50 से लेकर 150 रुपये प्रति किलो तक के दाम मिल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे सीजन गति पकड़ेगा, मांग और बढ़ सकती है।
अभी मुख्य रूप से सोलन जिले का ही लहसुन मंडी पहुंच रहा है। प्रदेश में लहसुन के सबसे बड़े उत्पादक जिला सिरमौर और कुल्लू की फसल भी कुछ ही दिनों में मंडियों में दस्तक देने वाली है। इस बार व्यापारियों में खासा उत्साह है। अब लहसुन केवल दक्षिण भारत ही नहीं, बल्कि त्रिपुरा और सिक्किम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी भेजा जाएगा। जिला सोलन में करीब 500 हेक्टयेर भूमि पर लहसुन की खेती होती है।
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कोट
मंडी में लहसुन की खेप पहुंच रही है और बाहरी राज्यों के व्यापारी इसमें खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। किसानों को ग्रेड के हिसाब से लहसुन के अच्छे दाम मिल रहे है। किसानों से अपील की है कि वे सूखाकर ही लहसुन को मंडी में लाए, ताकि उसके किसानों को अच्छे दाम मिल सकें।
अमर सिंह ठाकुर,आढ़ती,सब्जी मंडी, सोलन
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जिला सोलन में 500 हेक्टयेर भूमि पर होती है लहसुन की खेती
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। औषधीय गुणों से भरपूर हिमाचल प्रदेश के लहसुन ने दक्षिण भारतीय राज्यों में अपनी धाक जमाना शुरू कर दिया है। तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों में प्रदेश के लहसुन की मांग आ रही है। हालांकि अभी स्थानीय आढ़ती ही सब्जी मंडी से लहसुन की खरीद कर बाहरी राज्यों को सप्लाई कर रहे हैं। जिला सोलन और सिरमौर में सबसे अधिक लहसुन की खेती होती है। हालांकि इस बार अधिकतर क्षेत्रों में लहसुन खराब हुआ है। इससे पैदावार भी कम है।
जानकारी के अनुसार सब्जी मंडी में लहसुन की फसल आते ही किसानों के चेहरों पर चमक लौट आई है। वर्तमान में लहसुन की गुणवत्ता और ग्रेड के आधार पर किसानों को 50 से लेकर 150 रुपये प्रति किलो तक के दाम मिल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे सीजन गति पकड़ेगा, मांग और बढ़ सकती है।
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अभी मुख्य रूप से सोलन जिले का ही लहसुन मंडी पहुंच रहा है। प्रदेश में लहसुन के सबसे बड़े उत्पादक जिला सिरमौर और कुल्लू की फसल भी कुछ ही दिनों में मंडियों में दस्तक देने वाली है। इस बार व्यापारियों में खासा उत्साह है। अब लहसुन केवल दक्षिण भारत ही नहीं, बल्कि त्रिपुरा और सिक्किम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी भेजा जाएगा। जिला सोलन में करीब 500 हेक्टयेर भूमि पर लहसुन की खेती होती है।
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मंडी में लहसुन की खेप पहुंच रही है और बाहरी राज्यों के व्यापारी इसमें खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। किसानों को ग्रेड के हिसाब से लहसुन के अच्छे दाम मिल रहे है। किसानों से अपील की है कि वे सूखाकर ही लहसुन को मंडी में लाए, ताकि उसके किसानों को अच्छे दाम मिल सकें।
अमर सिंह ठाकुर,आढ़ती,सब्जी मंडी, सोलन