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ठियोग हाटकोटी सड़क के लिए
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रोहड़ू। ठियोग-हाटकोटी नेशनल हाईवे सड़क के शेष कार्य की 83 करोड़ रुपये की डीपीआर को केंद्र से मंजूरी मिल गई है। वीरवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से वित्तीय प्रस्तुतिकरण में सड़क की डीपीआर स्वीकृत कर दी गई है। डीपीआर मंजूर होने के बाद ठियोग-हाटकोटी सड़क के शेष कार्यों के टेंडर इसी माह आमंत्रित किए जाएंगे।
गौरतलब है कि ठियोग-हाटकोटी सड़क सेब बाहुल्य क्षेत्र की लाइफ लाइन है। सड़क का कार्य बीते दो वर्षों से अधर में लटका हुआ है। सड़क निर्माण का कार्य निजी कंपनी के हाथ में था लेकिन सड़क पूरी तरह बनने से पहले ही करोड़ों रुपये के ढंगे ढह गए। कार्य की गुणवत्ता सही न होने के कारण सड़क निर्माण कर रही कंपनी को सरकार ने हटा दिया था। इसके बाद सड़क पर निर्माणाधीन पुल और कुछ टारिंग का कार्य शेष है। ठियोग-हाटकोटी सड़क नेशनल हाईवे प्राधिकरण के पास है। सड़क का कार्य मुकम्मल करने के लिए 83 करोड़ रुपये की डीपीआर केंद्र को भेजी गई थी। इसमें 44 करोड़ रुपये की राशि टारिंग और 39 करोड़ रुपये की राशि पुलों पर खर्च होनी है। वीरवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने डीपीआर को स्वीकृत कर दिया है। इसके अतिरिक्त छह करोड़ रुपये की राशि पहले ही सड़क के मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृत है। डीपीआर मंजूर होने के बाद अब ठियोग-हाटकोटी सड़क के टेंडर 25 दिन से अंदर आमंत्रित किए जाएंगे। मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने सड़क की दशा का मुद्दा कई बार विधानसभा में उठाया। सड़क की डीपीआर स्वीकृत करने के लिए दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिले। मुख्य सचेतक ने बताया कि सड़क के लिए केंद्र से 83 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हो गई है। शीघ्र ही सड़क के शेष कार्य के टेंडर भी लगाए जाएंगे।
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गौरतलब है कि ठियोग-हाटकोटी सड़क सेब बाहुल्य क्षेत्र की लाइफ लाइन है। सड़क का कार्य बीते दो वर्षों से अधर में लटका हुआ है। सड़क निर्माण का कार्य निजी कंपनी के हाथ में था लेकिन सड़क पूरी तरह बनने से पहले ही करोड़ों रुपये के ढंगे ढह गए। कार्य की गुणवत्ता सही न होने के कारण सड़क निर्माण कर रही कंपनी को सरकार ने हटा दिया था। इसके बाद सड़क पर निर्माणाधीन पुल और कुछ टारिंग का कार्य शेष है। ठियोग-हाटकोटी सड़क नेशनल हाईवे प्राधिकरण के पास है। सड़क का कार्य मुकम्मल करने के लिए 83 करोड़ रुपये की डीपीआर केंद्र को भेजी गई थी। इसमें 44 करोड़ रुपये की राशि टारिंग और 39 करोड़ रुपये की राशि पुलों पर खर्च होनी है। वीरवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने डीपीआर को स्वीकृत कर दिया है। इसके अतिरिक्त छह करोड़ रुपये की राशि पहले ही सड़क के मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृत है। डीपीआर मंजूर होने के बाद अब ठियोग-हाटकोटी सड़क के टेंडर 25 दिन से अंदर आमंत्रित किए जाएंगे। मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने सड़क की दशा का मुद्दा कई बार विधानसभा में उठाया। सड़क की डीपीआर स्वीकृत करने के लिए दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिले। मुख्य सचेतक ने बताया कि सड़क के लिए केंद्र से 83 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हो गई है। शीघ्र ही सड़क के शेष कार्य के टेंडर भी लगाए जाएंगे।
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