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Rampur Bushahar News: सेंजोस स्केल कीट की रोकथाम के लिए एचएमओ का छिड़काव करें बागवान
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विशेषज्ञों की सलाह समय रहते करें उपचार, पौधे को सूखा देता है सेंजोस कीट
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सेब के बगीचों में सेंजोस स्केल कीट सक्रिय हो गया है। यह कीट पौधे के तने, शाखाओं और फलों से रस चूसकर पौधे को सुखा देता है। समय रहते कीट की रोकथाम करना आवश्यक है। कीट के अधिक हमले से सेब की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसको देखते हुए विशेषज्ञों ने बागवानों को इसकी रोकथाम के लिए एचएमओ का छिड़काव की सलाह दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक सेंजोस स्केल कीट मार्च माह में सक्रिय हो जाता है। मार्च में जैसे-जैसे पौधे में पत्तियां आने की प्रक्रिया आरंभ होती है। यह कीट पौधे की खाल से रस चूसना शुरू कर देता है। दिसंबर तक लगातार कीट पौधे पर हमला जारी रखता है। इससे पौधा कमजोर हो जाता है और उसका विकास रुक जाता है। कीट की यदि समय पर रोकथाम न हो तो युवा पौधे खत्म हो जाते हैं। फ्रूट सेटिंग के बाद कीट फल से भी रस चूसता है। इससे फलों पर स्केल के गहरे लाल रंग के धब्बे पड़ जाते हैं। इससे फल की गुणवत्ता पूरी तरह से खत्म हो जाती है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार कीट के हमले से बचने के लिए एचएमओ तेल का छिड़काव मार्च में पौधे पर आधा इंच पत्ती आने से टाइट क्लस्टर अवस्था तक करना आवश्यक है। उद्यान विभाग के विषय विशेषज्ञ डाॅ. संजय चौहान ने बताया कि सेंजोस स्केल कीट मार्च माह में सक्रिय होता है। यह कीट सेब के पौधे के लिए बहुत हानिकारक है। उन्होंने बताया कि कीट के उपचार के लिए बगीचे में साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। बागवान इसकी रोकथाम के लिए आधा इंच पत्ती आने से टाइट क्लस्टर अवस्था के बीच में सेब के पौधों पर चार लीटर एचएमओ प्रति 200 लीटर पानी में मिलाकर छिडक़ाव कर सकते हैं। स्केल सेब की खुरदरी छाल में नीचे होते हैं। इसलिए छिड़काव इतना अधिक करें, जिससे पौधा पूरी तरह से भीग जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सेब के बगीचों में सेंजोस स्केल कीट सक्रिय हो गया है। यह कीट पौधे के तने, शाखाओं और फलों से रस चूसकर पौधे को सुखा देता है। समय रहते कीट की रोकथाम करना आवश्यक है। कीट के अधिक हमले से सेब की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसको देखते हुए विशेषज्ञों ने बागवानों को इसकी रोकथाम के लिए एचएमओ का छिड़काव की सलाह दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक सेंजोस स्केल कीट मार्च माह में सक्रिय हो जाता है। मार्च में जैसे-जैसे पौधे में पत्तियां आने की प्रक्रिया आरंभ होती है। यह कीट पौधे की खाल से रस चूसना शुरू कर देता है। दिसंबर तक लगातार कीट पौधे पर हमला जारी रखता है। इससे पौधा कमजोर हो जाता है और उसका विकास रुक जाता है। कीट की यदि समय पर रोकथाम न हो तो युवा पौधे खत्म हो जाते हैं। फ्रूट सेटिंग के बाद कीट फल से भी रस चूसता है। इससे फलों पर स्केल के गहरे लाल रंग के धब्बे पड़ जाते हैं। इससे फल की गुणवत्ता पूरी तरह से खत्म हो जाती है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार कीट के हमले से बचने के लिए एचएमओ तेल का छिड़काव मार्च में पौधे पर आधा इंच पत्ती आने से टाइट क्लस्टर अवस्था तक करना आवश्यक है। उद्यान विभाग के विषय विशेषज्ञ डाॅ. संजय चौहान ने बताया कि सेंजोस स्केल कीट मार्च माह में सक्रिय होता है। यह कीट सेब के पौधे के लिए बहुत हानिकारक है। उन्होंने बताया कि कीट के उपचार के लिए बगीचे में साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। बागवान इसकी रोकथाम के लिए आधा इंच पत्ती आने से टाइट क्लस्टर अवस्था के बीच में सेब के पौधों पर चार लीटर एचएमओ प्रति 200 लीटर पानी में मिलाकर छिडक़ाव कर सकते हैं। स्केल सेब की खुरदरी छाल में नीचे होते हैं। इसलिए छिड़काव इतना अधिक करें, जिससे पौधा पूरी तरह से भीग जाए।