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आखिर कब मिलेगी ओले से निजात
Updated Mon, 06 Nov 2017 10:10 PM IST
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चुनाव तक सीमित एंटी हेल गन
नारकंडा, थानाधार छबिशी हाटू में नहीं लग सकी हेल गन
क्षेत्रों में ओलों से तबाह होती है करोड़ों की सेब फसल
अनिल कंवर
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)।
बगीचों में सेब की फसल तैयार होते ही उत्पादकों को ओलावृष्टि का भय सताने लगता है। ओलो से बागवानों की करोड़ों की फसल पल भर में नष्ट हो जाती है। सेब की फसल को ओलावृष्टि से बचाने के लिए किसी ने उचित कदम नहीं उठाया है। बागवान हर वर्ष एंटी हेल गन लगाने की मांग रखते हैं, ताकि उन्हें ओले से निजात मिले सकें। लेकिन कोई भी इस मांग को पूरा नहीं करता। क्षेत्र में एंटी हेल गन का मुद्दा चुनाव तक सीमित रह जाता है।
हर साल चुनाव में सभी राजनीति दल एंटी हेल गन लगाने की बात कर बागवानों से समर्थन मांगते हैं। अभी तक इसके लिए नारकंडा, थानाधार छबिशी हाटू क्षेत्र में कोई पहल नहीं हुई है। इन क्षेत्रों में सेब की अच्छी फसल होती है। क्षेत्र का पंचायत प्रतिनिधिमंडल भी एंटी हेल गन की समस्या को लेकर बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स से मिल चुका है। बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स ने एंटी हेल गन जल्द स्थापित करने का आश्वासन दिया, जो पूरा नहीं हुआ। क्षेत्र के अमर सिंह, रोशन लाल, कैलाश, हरीश भरोटा, प्रमोद, विनोद रोच, सुशिला, श्याम, मीना जरेट, किरटी प्रधान सुनीता गुप्ता, आरती निर्मोही, रिंकू भाटिया दलीप जरेट और विकास सौरव वर्मी ने कहा कि सरकार हमेशा लोगों को आश्वासन ही देती रही है। लेकिन आज तक कोई एंटी हेल गन लगाने की मांग पूरा नहीं कर पाया। सीपीआईएम नेता राकेश सिंघा ने कहा कि एंटी हेल गन लगाने से बागवानों को लाभ मिलेगा। कांग्रेस के प्रत्याशी दीपक राठौर भी बागवानों की इस मांग को जायज मानते हैं।
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नारकंडा, थानाधार छबिशी हाटू में नहीं लग सकी हेल गन
क्षेत्रों में ओलों से तबाह होती है करोड़ों की सेब फसल
अनिल कंवर
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)।
बगीचों में सेब की फसल तैयार होते ही उत्पादकों को ओलावृष्टि का भय सताने लगता है। ओलो से बागवानों की करोड़ों की फसल पल भर में नष्ट हो जाती है। सेब की फसल को ओलावृष्टि से बचाने के लिए किसी ने उचित कदम नहीं उठाया है। बागवान हर वर्ष एंटी हेल गन लगाने की मांग रखते हैं, ताकि उन्हें ओले से निजात मिले सकें। लेकिन कोई भी इस मांग को पूरा नहीं करता। क्षेत्र में एंटी हेल गन का मुद्दा चुनाव तक सीमित रह जाता है।
हर साल चुनाव में सभी राजनीति दल एंटी हेल गन लगाने की बात कर बागवानों से समर्थन मांगते हैं। अभी तक इसके लिए नारकंडा, थानाधार छबिशी हाटू क्षेत्र में कोई पहल नहीं हुई है। इन क्षेत्रों में सेब की अच्छी फसल होती है। क्षेत्र का पंचायत प्रतिनिधिमंडल भी एंटी हेल गन की समस्या को लेकर बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स से मिल चुका है। बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स ने एंटी हेल गन जल्द स्थापित करने का आश्वासन दिया, जो पूरा नहीं हुआ। क्षेत्र के अमर सिंह, रोशन लाल, कैलाश, हरीश भरोटा, प्रमोद, विनोद रोच, सुशिला, श्याम, मीना जरेट, किरटी प्रधान सुनीता गुप्ता, आरती निर्मोही, रिंकू भाटिया दलीप जरेट और विकास सौरव वर्मी ने कहा कि सरकार हमेशा लोगों को आश्वासन ही देती रही है। लेकिन आज तक कोई एंटी हेल गन लगाने की मांग पूरा नहीं कर पाया। सीपीआईएम नेता राकेश सिंघा ने कहा कि एंटी हेल गन लगाने से बागवानों को लाभ मिलेगा। कांग्रेस के प्रत्याशी दीपक राठौर भी बागवानों की इस मांग को जायज मानते हैं।
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